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आईसीसी की जांच में भी दोषी पाए गए प्रो. चौबे
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वाराणसी। बीएचयू के जंतु विज्ञान विभाग में छात्राओं पर अश्लील टिप्पणियां करने वाले प्रो. एसके चौबे के खिलाफ चल रही जांच पूरी हो गई हैं। विश्वविद्यालय स्तरीय इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (आईसीसी) ने अपनी जांच में प्रोफेसर को दोषी माना है। अब सभी की निगाहें इस रिपोर्ट पर होने वाली कार्रवाई पर लग गई हैं।
बीएससी ऑनर्स की छात्राओं ने प्रो. चौबे पर अक्तूबर, 2018 में भुवनेश्वर में गए शैक्षणिक टूर के दौरान शारीरिक बनावट पर कमेंट करने का आरोप लगाते हुए कुलपति से शिकायत की थी। मामले में पहले विश्वविद्यालय ने संस्थान पर गठित विमेंस ग्रीवांस सेल से जांच कराई। इसके बाद जांच आईसीसी को सौंपी गई। आईसीसी ने विभाग के छात्र-छात्राओं के साथ ही आरोपी शिक्षक के बयान की वीडियोग्राफी कराई गई थी। छात्राओं ने भी लिखित बयान में आरोपों की पुष्टि की थी।
विश्वविद्यालय ने 23 अक्तूबर, 2018 को प्रो. चौबे को निलंबित कर दिया था। अब आईसीसी की जांच पूरी हो गई हैं। सूत्रों की माने तो दिसंबर के अंतिम सप्ताह में कु लपति को रिपोर्ट भी सौंप दी गई है। इसमें छात्राओं द्वारा प्रो. चौबे पर लगाए गए आरोपों को न केवल सही माने जाने की बात है बल्कि यह भी कहा गया है कि एसी टिप्पणियां वह जानबूझकर करते थे।
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बीएससी ऑनर्स की छात्राओं ने प्रो. चौबे पर अक्तूबर, 2018 में भुवनेश्वर में गए शैक्षणिक टूर के दौरान शारीरिक बनावट पर कमेंट करने का आरोप लगाते हुए कुलपति से शिकायत की थी। मामले में पहले विश्वविद्यालय ने संस्थान पर गठित विमेंस ग्रीवांस सेल से जांच कराई। इसके बाद जांच आईसीसी को सौंपी गई। आईसीसी ने विभाग के छात्र-छात्राओं के साथ ही आरोपी शिक्षक के बयान की वीडियोग्राफी कराई गई थी। छात्राओं ने भी लिखित बयान में आरोपों की पुष्टि की थी।
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विश्वविद्यालय ने 23 अक्तूबर, 2018 को प्रो. चौबे को निलंबित कर दिया था। अब आईसीसी की जांच पूरी हो गई हैं। सूत्रों की माने तो दिसंबर के अंतिम सप्ताह में कु लपति को रिपोर्ट भी सौंप दी गई है। इसमें छात्राओं द्वारा प्रो. चौबे पर लगाए गए आरोपों को न केवल सही माने जाने की बात है बल्कि यह भी कहा गया है कि एसी टिप्पणियां वह जानबूझकर करते थे।
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