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स्वाईन फ्लू पर अस्पतालों में अलर्ट, गाइड लाइन जारी
Updated Mon, 14 Aug 2017 02:04 AM IST
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वाराणसी। प्रदेश में स्वाईन फ्लू के मरीजों के मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसको देखते हुए शासन ने सभी अस्पतालों को अलर्ट करते हुए गाइडलाइन जारी किया है। इसको लेकर सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने सभी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए जाने के साथ ही साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है।
गाईड-लाईन के अनुसार संदिग्ध मरीजों के इलाज की नियमित मानीटरिंग के साथ ही परिजनों को मरीज के पास जाने में मॉस्क पहनकर ही जाने की बात कही गई है। यह भी कहा गया है कि अस्पताल के कर्मचारी इस बात पर नजर रखें कि स्वाईन-फ्लू के मरीजों के परिजन अस्पताल या अस्पताल के अन्य वार्ड या कक्षों में अनावश्यक भ्रमण न करें। सीएमओ ने बताया कि इस मौसम में कई तरह की बैक्टीरिया और वायरस सक्रिय होते हैं। वायरल फीवर भी आता है, जो चिकित्सक की देख-रेख में सामान्य उपचार, मरीज के खान-पान में सावधानी एवं आराम करने से 4-5 दिनों में ठीक हो जाता है। अत: यह आवश्यक नहीं है कि सर्दी, जुकाम एवं बुखार से पीड़ित मरीज इन्फ्लूएन्जा-ए एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) से पीड़ित हो।
इसको लेकर जागरूक रहने की जरूरत है। एलाइजा जॉच में पाजीटिव पाये जाने के बाद ही स्वाईन-फ्लू की पुष्टि होती है। इस तथ्य को सभी सरकारी एवं निजी चिकित्सकों को ध्यान में रखते हुए ही स्वाईन फ्लू के संदिग्ध मरीजों का इलाज निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार करना चाहिए। साथ ही ऐसे मरीजों की जानकारी सभी नर्सिंग होम/चिकित्सालय को तत्काल सीएमओ कार्यालय को देनी होगी। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ पंजीकरण भी निरस्त किया जाएगा। डीएम योगेश्वर राम मिश्रा ने भी लोगों से इस बीमारी को लेकर जागरूक रहने की अपील की है। अधिक जानकारी के लिए सरकारी अस्पताल या टोल फ्री नंबर 18001805145 और मोबाइल नंबर 9918901467 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
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गाईड-लाईन के अनुसार संदिग्ध मरीजों के इलाज की नियमित मानीटरिंग के साथ ही परिजनों को मरीज के पास जाने में मॉस्क पहनकर ही जाने की बात कही गई है। यह भी कहा गया है कि अस्पताल के कर्मचारी इस बात पर नजर रखें कि स्वाईन-फ्लू के मरीजों के परिजन अस्पताल या अस्पताल के अन्य वार्ड या कक्षों में अनावश्यक भ्रमण न करें। सीएमओ ने बताया कि इस मौसम में कई तरह की बैक्टीरिया और वायरस सक्रिय होते हैं। वायरल फीवर भी आता है, जो चिकित्सक की देख-रेख में सामान्य उपचार, मरीज के खान-पान में सावधानी एवं आराम करने से 4-5 दिनों में ठीक हो जाता है। अत: यह आवश्यक नहीं है कि सर्दी, जुकाम एवं बुखार से पीड़ित मरीज इन्फ्लूएन्जा-ए एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) से पीड़ित हो।
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इसको लेकर जागरूक रहने की जरूरत है। एलाइजा जॉच में पाजीटिव पाये जाने के बाद ही स्वाईन-फ्लू की पुष्टि होती है। इस तथ्य को सभी सरकारी एवं निजी चिकित्सकों को ध्यान में रखते हुए ही स्वाईन फ्लू के संदिग्ध मरीजों का इलाज निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार करना चाहिए। साथ ही ऐसे मरीजों की जानकारी सभी नर्सिंग होम/चिकित्सालय को तत्काल सीएमओ कार्यालय को देनी होगी। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ पंजीकरण भी निरस्त किया जाएगा। डीएम योगेश्वर राम मिश्रा ने भी लोगों से इस बीमारी को लेकर जागरूक रहने की अपील की है। अधिक जानकारी के लिए सरकारी अस्पताल या टोल फ्री नंबर 18001805145 और मोबाइल नंबर 9918901467 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
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