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तूल पकड़ने लगा टेंडर में मनमानी का मामला
Updated Tue, 13 Jun 2017 10:23 PM IST
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सोनभद्र। लोक निर्माण विभाग में सड़कों के टेंडर में मनमानी का मामला तूल पकड़ने लगा है। अब सांसद छोटेलाल खरवार और भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा ने विभाग के वाराणसी क्षेत्र के मुख्य अभियंता को निविदा निरस्त करने के लिए पत्र लिखा है। जिलाध्यक्ष ने इस गड़बड़ी की शिकायत लोक निर्माण मंत्री के साथ ही प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग से भी की है।
लोक निर्माण विभाग ने पिछले दिनों सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया अपनाई थी। इसमें निविदा प्रक्रिया में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की गई। आनलाइन निविदा को लेकर डेट बढ़ाने का खेल हुआ। इससे जहां राजस्व की क्षति हुई, वहीं ऐसी सड़कों का टेंडर कराया गया, जिसका निर्माण सौ दिन के लक्ष्य में नहीं है। मामला तब खुला जब भाजपा के जिला मंत्री सुुनील कुमार सिंह ने इसकी शिकायत की। सुनील ने अधीक्षण अभियंता पर टेंडर में मनमानी और गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। फिर सदर विधायक भूपेश चौबे ने इसकी जांच और टेंडर की प्रक्रिया निरस्त करने के लिए वाराणसी क्षेत्र के मुख्य अभियंता को पत्र लिखा। अब सांसद छोटेलाल खरवार के साथ ही जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर पूरी टेंडर प्रक्रिया निरस्त करने और नए सिरे से टेंडर कराने को कहा है। उधर मुख्य अभियंता पहले ही कह चुके हैं कि इसकी जांच की जा रही है, लेकिन अब तक जांच के नाम पर क्या हुआ इसको लेकर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। जिलाध्यक्ष ने लोक निर्माण विभाग के मंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि अधीक्षण अभियंता ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मनमानी ढंग से निविदा कराई है। जो कार्य सौ दिन के लक्ष्य में नहीं है, उन निविदाओं को राजस्व हित में पुन: करा आवश्यक है। क्यों कि अधीक्षण अभियंता ने सिंगल निविदा एवं अधिक दर पर प्राप्त निविदाओं को अनुबंध करने की नियत से निविदा के बाद सामग्री दर बढ़ाकर औचित्यपूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा है जो राजस्व हित में न्यायोचित नहीं है। जिलाध्यक्ष ने कार्रवाई की मांग उठाई है।
लोक निर्माण विभाग ने पिछले दिनों सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया अपनाई थी। इसमें निविदा प्रक्रिया में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की गई। आनलाइन निविदा को लेकर डेट बढ़ाने का खेल हुआ। इससे जहां राजस्व की क्षति हुई, वहीं ऐसी सड़कों का टेंडर कराया गया, जिसका निर्माण सौ दिन के लक्ष्य में नहीं है। मामला तब खुला जब भाजपा के जिला मंत्री सुुनील कुमार सिंह ने इसकी शिकायत की। सुनील ने अधीक्षण अभियंता पर टेंडर में मनमानी और गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। फिर सदर विधायक भूपेश चौबे ने इसकी जांच और टेंडर की प्रक्रिया निरस्त करने के लिए वाराणसी क्षेत्र के मुख्य अभियंता को पत्र लिखा। अब सांसद छोटेलाल खरवार के साथ ही जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर पूरी टेंडर प्रक्रिया निरस्त करने और नए सिरे से टेंडर कराने को कहा है। उधर मुख्य अभियंता पहले ही कह चुके हैं कि इसकी जांच की जा रही है, लेकिन अब तक जांच के नाम पर क्या हुआ इसको लेकर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। जिलाध्यक्ष ने लोक निर्माण विभाग के मंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि अधीक्षण अभियंता ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मनमानी ढंग से निविदा कराई है। जो कार्य सौ दिन के लक्ष्य में नहीं है, उन निविदाओं को राजस्व हित में पुन: करा आवश्यक है। क्यों कि अधीक्षण अभियंता ने सिंगल निविदा एवं अधिक दर पर प्राप्त निविदाओं को अनुबंध करने की नियत से निविदा के बाद सामग्री दर बढ़ाकर औचित्यपूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा है जो राजस्व हित में न्यायोचित नहीं है। जिलाध्यक्ष ने कार्रवाई की मांग उठाई है।
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