{"_id":"5b2186574f1c1b315d8b4ebf","slug":"31528923735-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कमिश्नर, डीएम, एसएसपी सहित दस आज होंगे पेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कमिश्नर, डीएम, एसएसपी सहित दस आज होंगे पेश
Updated Thu, 14 Jun 2018 02:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। कमिश्नर, डीएम, एसएसपी, एसपी ज्ञानवापी सुरक्षा, काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ, सीओ दशाश्वमेध, इंस्पेक्टर राहुल शुक्ला, एसएसआई अमन शुक्ला और ठेकेदार दिलीप यादव गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश होंगे। हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका पर सुनवाई के बाद 12 जून को सभी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था।
ज्ञानवापी स्थित मकान नंबर सीके - 28/11 मकान को काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण के लिए प्रशासन ने खरीदा है। इसके 18 किरायेदारों से जब प्रशासन ने मकान खाली करने को कहा और तोड़ना शुरू कर दिया तो हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 31 मई को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश जारी करते हुए यथा स्थिति बरकरार रखने को कहा। मुन्नी तिवारी सहित अन्य का आरोप है कि इसके बावजूद मकान को तोड़ने का काम प्रशासन ने जारी रखा। इसे लेकर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई। मंगलवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने इसे प्रथम दृष्टया अवमानना का गंभीर मामला माना है। गुरुवार को सभी अधिकारी न्यायालय में पेश होंगे।
विज्ञापन
ज्ञानवापी स्थित मकान नंबर सीके - 28/11 मकान को काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण के लिए प्रशासन ने खरीदा है। इसके 18 किरायेदारों से जब प्रशासन ने मकान खाली करने को कहा और तोड़ना शुरू कर दिया तो हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 31 मई को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश जारी करते हुए यथा स्थिति बरकरार रखने को कहा। मुन्नी तिवारी सहित अन्य का आरोप है कि इसके बावजूद मकान को तोड़ने का काम प्रशासन ने जारी रखा। इसे लेकर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई। मंगलवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने इसे प्रथम दृष्टया अवमानना का गंभीर मामला माना है। गुरुवार को सभी अधिकारी न्यायालय में पेश होंगे।
विज्ञापन