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यूजीसी नियमावली के विरोध में निकाला विरोध मार्च0
Updated Sun, 18 Mar 2018 02:24 AM IST
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वाराणसी। विश्वविद्यालयों-कॉलेजों में शिक्षक भर्ती को लेकर यूजीसी की ओर से जारी नियमावली के विरोध में शनिवार को बीएचयू सिंह द्वार से छात्रों ने पीएम संसदीय मार्च तक विरोध मार्च निकाला। एससी, एसटी, ओबीसी संघर्ष समिति के बैनर तले निकले इस मार्च के माध्यम से छात्रों ने इसके आरक्षण विरोधी बताया। कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेज को भर्ती का इकाई मानने के बजाय विभाग को भर्ती की नई इकाई बनाने और नियुक्तियों में रोस्टर प्रणाली लागू करने के यूजीसी के नया नियम आरक्षण को निष्प्रभावी बनाने जैसा है।
प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय पर मार्च को संबोधित करते हुए बीएचयू के पूर्व छात्रनेता सुनील यादव ने कहा कि पहले की व्यवस्था में 100 पदों में से 49.5 प्रतिशत पद आरक्षित श्रेणी से भरने की बाध्यता थी। अब यूजीसी के नए फरमान के जरिये सरकार ने इस संवैधानिक बाध्यता से बचने का चोर दरवाजा तलाश लिया है। यूजीसी की नई व्यवस्था के चलते अब इक्का-दुक्का लोगों को ही आरक्षण का लाभ मिल पाएगा। इस दौरान काशी विद्यापीठ के शिक्षक डॉ.अनिल चौधरी, छात्रनेता विकास यादव, रविंद्र भारतीय, कृष्णण् कुमार, मो. आसिम अंसारी आदि मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय पर मार्च को संबोधित करते हुए बीएचयू के पूर्व छात्रनेता सुनील यादव ने कहा कि पहले की व्यवस्था में 100 पदों में से 49.5 प्रतिशत पद आरक्षित श्रेणी से भरने की बाध्यता थी। अब यूजीसी के नए फरमान के जरिये सरकार ने इस संवैधानिक बाध्यता से बचने का चोर दरवाजा तलाश लिया है। यूजीसी की नई व्यवस्था के चलते अब इक्का-दुक्का लोगों को ही आरक्षण का लाभ मिल पाएगा। इस दौरान काशी विद्यापीठ के शिक्षक डॉ.अनिल चौधरी, छात्रनेता विकास यादव, रविंद्र भारतीय, कृष्णण् कुमार, मो. आसिम अंसारी आदि मौजूद रहे।
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