{"_id":"5a3ec2db4f1c1b0b788b48e4","slug":"31514062555-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएचयू के पीआरओ को फेसबुक पर भी धमकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएचयू के पीआरओ को फेसबुक पर भी धमकी
Updated Sun, 24 Dec 2017 02:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। बीएचयू के पीआरओ डॉ. राजेश सिंह को फोन करके धमकाने के साथ ही फेसबुक पर भी धमकी दी गई है। ‘शेखर सिंह मंगलम आजमगढ़ (मंगलम)’ नाम के फेसबुक एकाउंट से 10 लोगों को टैग कर डॉ. राजेश सिंह और हथेली पर जिला कारागार की मुहर लगी दो फोटो पोस्ट की गई है। इसके साथ लिखा गया है कि जय महाराणा... बीएचयू छात्रनेता... आशुतोष... इकलौता नेता...। इसके बाद डॉ. राजेश सिंह को जातिगत उलाहना देते हुए देख लेने की बात कही गई है। इस एकाउंट से बीएचयू स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल के एमएस सहित कई अन्य को निशाने पर लेते हुए अन्य पोस्ट भी शेयर किए गए हैं।
पुलिस ने बीते बुधवार को बीएचयू के बिड़ला छात्रावास के छात्र आशुतोष सिंह को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के विरोध में छात्रों के एक गुट ने बीएचयू परिसर में खड़े वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की थी। दिल्ली पब्लिक स्कूल की बस में आग लगा दी थी। इस मामले में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने लंका थाने में 15 छात्रों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
गुरुवार से शनिवार तक पुलिस ने आरोपी छात्रों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी लेकिन किसी का सुराग नहीं लगा। उधर, इस घटना के बाद पीआरओ डॉ. राजेश सिंह को शेखर सिंह नाम से फोन कर जान-माल की धमकी दी गई। कहा गया कि बीएचयू से बोल रहा हूं। आशुतोष सिंह के मामले में समाचार पत्रों को भ्रामक जानकारी देकर मामले को तूल देने का खामियाजा भुगतना होगा। लंका पुलिस ने डॉ. राजेश सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया लेकिन शेखर का सुराग नहीं लगा सकी। इस संबंध में लंका थानाध्यक्ष ने बताया कि सिगरा और आजमगढ़ स्थित शेखर के सभी संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई लेकिन उसका पता नहीं लगा। उधर, डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि जिन 15 छात्रों के खिलाफ आपराधिक धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज हुआ है उन्हें विश्वविद्यालय के नियमानुसार निष्काषित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने बीते बुधवार को बीएचयू के बिड़ला छात्रावास के छात्र आशुतोष सिंह को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के विरोध में छात्रों के एक गुट ने बीएचयू परिसर में खड़े वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की थी। दिल्ली पब्लिक स्कूल की बस में आग लगा दी थी। इस मामले में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने लंका थाने में 15 छात्रों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
गुरुवार से शनिवार तक पुलिस ने आरोपी छात्रों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी लेकिन किसी का सुराग नहीं लगा। उधर, इस घटना के बाद पीआरओ डॉ. राजेश सिंह को शेखर सिंह नाम से फोन कर जान-माल की धमकी दी गई। कहा गया कि बीएचयू से बोल रहा हूं। आशुतोष सिंह के मामले में समाचार पत्रों को भ्रामक जानकारी देकर मामले को तूल देने का खामियाजा भुगतना होगा। लंका पुलिस ने डॉ. राजेश सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया लेकिन शेखर का सुराग नहीं लगा सकी। इस संबंध में लंका थानाध्यक्ष ने बताया कि सिगरा और आजमगढ़ स्थित शेखर के सभी संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई लेकिन उसका पता नहीं लगा। उधर, डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि जिन 15 छात्रों के खिलाफ आपराधिक धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज हुआ है उन्हें विश्वविद्यालय के नियमानुसार निष्काषित किया जाएगा।
विज्ञापन