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कचहरी स्थानांतरण के विरोध में वकीलों ने दिया धरना
Updated Fri, 24 Nov 2017 01:58 AM IST
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वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कचहरी परिसर स्थानांतरित नहीं किये जाने के आश्वासन के बाद भी अधिवक्ताओं के एक गुट ने बार एसोसिएशन से इतर जाकर आंदोलन शुरू कर दिया है। गुरुवार को कचहरी बचाओ, सुंदर बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले अधिवक्ताओं ने कचहरी के प्रवेश द्वार पर धरना दिया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने आजादी की ऐतिहासिक धरोहर कचहरी परिसर को स्थानांतरित करने के संबंध में जारी शासनादेश को वापस लेने की मांग की।
धरने पर बैठे अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांग नहीं मानेगी तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान मौके पर पहुंचे डिप्टी कलेक्टर माल को अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा। धरने का नेतृत्व डॉ. हरिश्चंद्र मौर्य व संचालन संजय कुमार सिंह एडवोकेट ने किया। धरने में अशोक सेठ, देवेंद्र परमार, ओपी पांडेय, कृष्ण मोहन पांडेय, अमित कुमार सिंह, धनंजय पांडेय, नूर फातमा, राम सिंगार सिंह आदि शामिल थे। उधर, बार कौंसिल के सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी, हरिशंकर सिंह और अरुण त्रिपाठी भी इस आंदोलन में कूद पड़े हैं। उनकी मांग है कि कचहरी स्थानांतरण के बाबत जारी शासनादेश रद्द किया जाए और आसपास की नजूल की जमीन को अधिगृहीत कर कोर्ट परिसर का विकास किया जाय।
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धरने पर बैठे अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांग नहीं मानेगी तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान मौके पर पहुंचे डिप्टी कलेक्टर माल को अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा। धरने का नेतृत्व डॉ. हरिश्चंद्र मौर्य व संचालन संजय कुमार सिंह एडवोकेट ने किया। धरने में अशोक सेठ, देवेंद्र परमार, ओपी पांडेय, कृष्ण मोहन पांडेय, अमित कुमार सिंह, धनंजय पांडेय, नूर फातमा, राम सिंगार सिंह आदि शामिल थे। उधर, बार कौंसिल के सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी, हरिशंकर सिंह और अरुण त्रिपाठी भी इस आंदोलन में कूद पड़े हैं। उनकी मांग है कि कचहरी स्थानांतरण के बाबत जारी शासनादेश रद्द किया जाए और आसपास की नजूल की जमीन को अधिगृहीत कर कोर्ट परिसर का विकास किया जाय।
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