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अस्थायी कोविड अस्पताल में पहले दिन 30 मरीज रेफर, इलाज शुरू
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वाराणसी। बीएचयू के एंफीथिएटर मैदान में बने 750 बेड के पंडित राजन मिश्र अस्थायी कोविड हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले मरीजों का क्या इलाज हो रहा है, कितना सुधार है, ऑक्सीजन सेचुरेशन कितना है, ये सभी जानकारी परिजनों को हर रोज दी जाएगी। ताकि परिजन परेशान न हो। अस्पताल परिसर में परिजनों के लिए विजिटर ब्लॉक भी बनकर तैयार है। यहां वह रह सकते हैं।
डीआरडीओ द्वारा बनाए गए अस्पताल में सोमवार से मरीजों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई। पहले दिन दीनदयाल अस्पताल, ईएसआईसी और बीएलडब्ल्यू से कुल 30 मरीजों को 250 बेड वाले आईसीयू में रेफर किया गया। आर्मी मेडिकल कोर के डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ भी मरीजों की सेवा में जुटे। उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी रविवार को निरीक्षण के दौरान मरीजों का बेहतर इलाज, परिजनों को सुबह शाम जानकारियां देने को कहा था।
एक सप्ताह में 500 बेड पर भी शुरू होगी भर्ती
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर ऑक्सीजन वाले 500 बेड पर भी मरीजों को भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर कुछ और अस्पतालों से भी गंभीर मरीजों को आईसीयू में रेफर किया जाएगा। इस दौरान मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, वीसी वीडीए ईशा दुहन, लेफ्टिनेंट कर्नल नितिन मिश्रा (प्रबंधक) डीआरडीओ, एडीएम सिटी, सीएमओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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आईएमएस बीएचयू के रेजीडेंट भी सेवा में लगे
अस्थायी कोविड हास्पिटल में आर्मी मेडिकल कोर के स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा आईएमएस बीएचयू के विभिन्न विभागों के रेजीडेंट भी सेवा दे रहे हैं। सोमवार को एनेस्थीसिया सहित अन्य विभागों के रेजीडेंट पहुंचे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। ताकि चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ की कमी न रहे।
बीएचयू हॉस्टल में रहेंगे स्वास्थ्य कर्मी
बीएचयू के अस्थायी अस्पताल में सेवा देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल में ही ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए पहले ही हॉस्टल खाली कराया जा चुका है। तैयारियां भी पूरी हो चुकी है।
डीएम की मौजूदगी में दिया गया रेमडेसिविर इंजेक्शन
इलाज के लिए संसाधनों पर स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन की टीम नजर बनाए है। सोमवार सुबह कमिश्नर दीपक अग्रवाल, डीएम कौशल राज शर्मा ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। शाम को अधिकारियों की मौजूदगी में एडिशनल सीएमओ डॉक्टर संजय राय ने डीआरडीओ की ओर से मौजूद नोडल अधिकारी को शासन से मिले 72 रेमडेसिविर इंजेक्शन दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि इंजेक्शन मरीजों को निशुल्क लगेगा। आगे भी जरूरत के हिसाब से और इंजेक्शन दिए जाएंगे। सीएमओ डॉक्टर वीबी सिंह भी मौजूद रहे।
सबसे पहले मंडलीय अस्पताल से पहुंचे मरीज
अस्थायी अस्पताल में सबसे पहले मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में भर्ती मरीज रेफर होकर पहुंचे। तीन मरीजों में एक महिला भी शामिल रही। मंडलीय अस्पताल में भर्ती होने के दौरान इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद सोमवार शाम करीब चार बजे एंबुलेंस से वह अस्थायी अस्पताल पहुंचे। इसके बाद से अन्य जगहों से भी मरीज आने लगे।
फार्मेसी, लैब, कैंटीन की भी सुविधा
ऑक्सीजन प्लांट के साथ ही फार्मेसी, लैब, कैंटीन, सैनिटाइजेशन, साफ सफाई आदि की व्यवस्था भी की गई। वहीं, तीमारदारों के ठहरने, खाने पीने के लिए गंगा भारती एनजीओ द्वारा अस्पताल के साथ निशुल्क व्यवस्था की गई है।
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डीआरडीओ द्वारा बनाए गए अस्पताल में सोमवार से मरीजों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई। पहले दिन दीनदयाल अस्पताल, ईएसआईसी और बीएलडब्ल्यू से कुल 30 मरीजों को 250 बेड वाले आईसीयू में रेफर किया गया। आर्मी मेडिकल कोर के डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ भी मरीजों की सेवा में जुटे। उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी रविवार को निरीक्षण के दौरान मरीजों का बेहतर इलाज, परिजनों को सुबह शाम जानकारियां देने को कहा था।
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एक सप्ताह में 500 बेड पर भी शुरू होगी भर्ती
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर ऑक्सीजन वाले 500 बेड पर भी मरीजों को भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर कुछ और अस्पतालों से भी गंभीर मरीजों को आईसीयू में रेफर किया जाएगा। इस दौरान मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, वीसी वीडीए ईशा दुहन, लेफ्टिनेंट कर्नल नितिन मिश्रा (प्रबंधक) डीआरडीओ, एडीएम सिटी, सीएमओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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आईएमएस बीएचयू के रेजीडेंट भी सेवा में लगे
अस्थायी कोविड हास्पिटल में आर्मी मेडिकल कोर के स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा आईएमएस बीएचयू के विभिन्न विभागों के रेजीडेंट भी सेवा दे रहे हैं। सोमवार को एनेस्थीसिया सहित अन्य विभागों के रेजीडेंट पहुंचे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। ताकि चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ की कमी न रहे।
बीएचयू हॉस्टल में रहेंगे स्वास्थ्य कर्मी
बीएचयू के अस्थायी अस्पताल में सेवा देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल में ही ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए पहले ही हॉस्टल खाली कराया जा चुका है। तैयारियां भी पूरी हो चुकी है।
डीएम की मौजूदगी में दिया गया रेमडेसिविर इंजेक्शन
इलाज के लिए संसाधनों पर स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन की टीम नजर बनाए है। सोमवार सुबह कमिश्नर दीपक अग्रवाल, डीएम कौशल राज शर्मा ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। शाम को अधिकारियों की मौजूदगी में एडिशनल सीएमओ डॉक्टर संजय राय ने डीआरडीओ की ओर से मौजूद नोडल अधिकारी को शासन से मिले 72 रेमडेसिविर इंजेक्शन दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि इंजेक्शन मरीजों को निशुल्क लगेगा। आगे भी जरूरत के हिसाब से और इंजेक्शन दिए जाएंगे। सीएमओ डॉक्टर वीबी सिंह भी मौजूद रहे।
सबसे पहले मंडलीय अस्पताल से पहुंचे मरीज
अस्थायी अस्पताल में सबसे पहले मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में भर्ती मरीज रेफर होकर पहुंचे। तीन मरीजों में एक महिला भी शामिल रही। मंडलीय अस्पताल में भर्ती होने के दौरान इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद सोमवार शाम करीब चार बजे एंबुलेंस से वह अस्थायी अस्पताल पहुंचे। इसके बाद से अन्य जगहों से भी मरीज आने लगे।
फार्मेसी, लैब, कैंटीन की भी सुविधा
ऑक्सीजन प्लांट के साथ ही फार्मेसी, लैब, कैंटीन, सैनिटाइजेशन, साफ सफाई आदि की व्यवस्था भी की गई। वहीं, तीमारदारों के ठहरने, खाने पीने के लिए गंगा भारती एनजीओ द्वारा अस्पताल के साथ निशुल्क व्यवस्था की गई है।