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Varanasi News: नियोक्ताओं के लिए 3 योजनाएं शुरू, मिलेगी सामाजिक सुरक्षा
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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के क्षेत्रीय कार्यालय, वाराणसी ने नियोक्ताओं के लिए तीन विशेष योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा देना है। साथ ही, पुराने अनुपालनों को नियमित करना और लंबित विवादों का त्वरित निपटारा करना है।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त शोभित सिंघल ने बताया कि पहली योजना कर्मचारी नामांकन अभियान-2026 है जो एक जुलाई से 31 अक्तूबर 2026 तक चलेगी। इसके तहत एक अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच कार्यरत रहे उन कर्मचारियों को ईपीएफ से जोड़ा जाएगा जो अब तक सदस्य नहीं बन पाए थे। यदि नियोक्ता ने कर्मचारी अंशदान नहीं काटा था तो इस योजना में कर्मचारी अंशदान पर पूरी छूट दी गई है। नियोक्ता को केवल 100 रुपये की सांकेतिक क्षतिपूर्ति, वैधानिक नियोक्ता अंशदान, लागू ब्याज और प्रशासनिक शुल्क जमा करना होगा।
दूसरी योजना विश्वास योजना-2026 है जो 29 जून से 29 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। यह एकमुश्त समाधान योजना है, जिसका लक्ष्य 14 जून 2024 से पहले के लंबित क्षतिपूर्ति विवादों का निपटारा करना है। इसमें डिफॉल्ट अवधि के आधार पर रियायती दरें तय की गई हैं। यह योजना अदालतों या अधिकरणों में लंबित मामलों पर भी लागू होगी। इस योजना के तहत दो माह तक के डिफॉल्ट पर 0.25 फीसदी प्रतिमाह, चार माह तक 0.50 फीसदी प्रतिमाह और उससे अधिक पर 1.00 फीसदी प्रतिमाह की रियायती दरें लागू होंगी।
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तीसरी एमनेस्टी योजना-2026 उन निजी पीएफ ट्रस्टों के लिए है जो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत पंजीकृत हैं। ये ट्रस्ट ईपीएफ अधिनियम की धारा 17 के तहत छूट नहीं ले पाए थे। इस योजना से पात्र ट्रस्टों को पूर्व प्रभाव से छूट और निर्धारित शर्तों में राहत मिलेगी। सहायक आयुक्त दिवाकर कुमार मिश्रा ने बताया कि नियोक्ताओं की सहायता के लिए कार्यालय में विश्वास हेल्प डेस्क शुरू की गई है। इसका फोन नंबर 0542-2585339 है। ईपीएफओ ने सभी पात्र प्रतिष्ठानों से इन योजनाओं का समय रहते लाभ उठाने का आग्रह किया है। यह पहल कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में सहायक होगी।
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क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त शोभित सिंघल ने बताया कि पहली योजना कर्मचारी नामांकन अभियान-2026 है जो एक जुलाई से 31 अक्तूबर 2026 तक चलेगी। इसके तहत एक अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच कार्यरत रहे उन कर्मचारियों को ईपीएफ से जोड़ा जाएगा जो अब तक सदस्य नहीं बन पाए थे। यदि नियोक्ता ने कर्मचारी अंशदान नहीं काटा था तो इस योजना में कर्मचारी अंशदान पर पूरी छूट दी गई है। नियोक्ता को केवल 100 रुपये की सांकेतिक क्षतिपूर्ति, वैधानिक नियोक्ता अंशदान, लागू ब्याज और प्रशासनिक शुल्क जमा करना होगा।
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दूसरी योजना विश्वास योजना-2026 है जो 29 जून से 29 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। यह एकमुश्त समाधान योजना है, जिसका लक्ष्य 14 जून 2024 से पहले के लंबित क्षतिपूर्ति विवादों का निपटारा करना है। इसमें डिफॉल्ट अवधि के आधार पर रियायती दरें तय की गई हैं। यह योजना अदालतों या अधिकरणों में लंबित मामलों पर भी लागू होगी। इस योजना के तहत दो माह तक के डिफॉल्ट पर 0.25 फीसदी प्रतिमाह, चार माह तक 0.50 फीसदी प्रतिमाह और उससे अधिक पर 1.00 फीसदी प्रतिमाह की रियायती दरें लागू होंगी।
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तीसरी एमनेस्टी योजना-2026 उन निजी पीएफ ट्रस्टों के लिए है जो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत पंजीकृत हैं। ये ट्रस्ट ईपीएफ अधिनियम की धारा 17 के तहत छूट नहीं ले पाए थे। इस योजना से पात्र ट्रस्टों को पूर्व प्रभाव से छूट और निर्धारित शर्तों में राहत मिलेगी। सहायक आयुक्त दिवाकर कुमार मिश्रा ने बताया कि नियोक्ताओं की सहायता के लिए कार्यालय में विश्वास हेल्प डेस्क शुरू की गई है। इसका फोन नंबर 0542-2585339 है। ईपीएफओ ने सभी पात्र प्रतिष्ठानों से इन योजनाओं का समय रहते लाभ उठाने का आग्रह किया है। यह पहल कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में सहायक होगी।