{"_id":"65bfa849729f58ead003bb55","slug":"237-tortoises-worth-1-crore-rupees-recovered-from-varanasi-cantt-station-2024-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाराणसी में 237 कछुआ बरामद: ट्रेन की बोगी में लावारिस हाल में पड़े थे आठ बैग, तस्करों का नेटवर्क खंगाल रही GRP","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसी में 237 कछुआ बरामद: ट्रेन की बोगी में लावारिस हाल में पड़े थे आठ बैग, तस्करों का नेटवर्क खंगाल रही GRP
Sun, 04 Feb 2024 09:43 PM IST
प्रगति चंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: प्रगति चंद
Updated Sun, 04 Feb 2024 09:43 PM IST
सार
एक करोड़ की कीमत के 237 कछुआ कैंट स्टेशन से बरामद हुए हैं। कैंट जीआरपी ने मालदा टाउन ट्रेन से कछुओं से भरे आठ बैग बरामद किए हैं। आशंका है कि तंत्र मंत्र और शक्तिवर्धक दवाएं बनाने के लिए कछुओं की तस्करी की जा रही थी।
विज्ञापन
varanasi news
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कैंट जीआरपी ने रविवार को आनंद विहार-मालदा टाउन ट्रेन से 237 कछुए बरामद किए। लावारिस हाल में आठ बैग से बरामद कछुओं की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक करोड़ रुपये आंकी गई है। वहीं, तस्करों के नेटवर्क को जीआरपी खंगाल रही है। आशंका है कि तंत्र मंत्र और शक्तिवर्धक दवाएं बनाने के लिए कछुओं की तस्करी की जा रही थी।
विज्ञापन
सीओ जीआरपी कुंवर प्रभात सिंह ने बताया कि आनंद विहार-मालदा टाउन जाने वाली ट्रेन संख्या 13430 की एस-2 और एस-3 बोगी में लावारिस हाल में आठ बैग बरामद हुए। सभी बैग में कछुए मिले। जीआरपी इंस्पेक्टर हेमंत सिंह ने बताया कि बोगी के यात्रियों से पूछताछ में पता चला कि हापुड़ के बाद किसी स्टेशन से बैग रखा गया था। बरामद कछुआ को वन विभाग की टीम सौंप दिया गया।
विज्ञापन
चंबल से पश्चिम बंगाल तक कछुओं की तस्करी का नेटवर्क
वन विभाग और जीआरपी के अनुसार बरामद कछुआ की तस्करी कर पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था। बरामद कछुओं में कुछ विशेष प्रजाति के थे। पश्चिमी यूपी के इटावा, चंबल के आसपास यमुना, सिंधु, क्वारी जैसी नदियों और तालाबों में कछुए मिलते हैं। यहीं से इनकी तस्करी देश भर में हो रही है। यूपी में 50 से 100 रुपये में एक कछुआ आसानी से मिल जाता है।
विज्ञापन
पश्चिम बंगाल तक पहुंचाने पर पांच सौ से एक हजार रुपये में बिक जाते हैं। पश्चिम बंगाल से इसे चीन, थाईलैंड, बैंकॉक समेत कई देशों में ऊंची कीमत पर तस्करी कर बेचा जाता है। जिंदा कछुआ की कीमत ज्यादा होती है। वहीं, शक्ति वर्धक दवाओं में भी कछुओं का इस्तेमाल होता है। इस वजह से इनकी मांग और बढ़ जाती है।
आजकल वास्तु दोष दूर करने में हो रहा ज्यादा इस्तेमाल
कछुओं को वास्तु दोष दूर करने और सुख समृद्धि के लिए रखा जाता है। कांच के बर्तन में असली कछुओं को रखा जाता है। लोगों का मानना है कि घर में कछुआ रखने से धन ज्यादा आता है। इस वजह से भी कछुओं की तस्करी की जाती है।