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भगवान शिव को समर्पित रही नृत्य की भावाजंलि
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वाराणसी। शिवरात्रि संगीत महोत्सव की आखिरी निशा बेहद खास रही। विश्वविख्यात नृत्यांगना पद्म विभूषण डॉ. सोनल मान सिंह द्वारा निर्देशित संकल्प से सिद्धी नृत्य नाटिका की प्रस्तुति ने निशा को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान कर दिया। विभिन्न नाट्यों के जरिये उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर जमकर कटाक्ष किया। उधर, अमेरिका से आये गजल गायक विशाल वैद ने भी श्रोताओं को खूब रिझाया।
सेठ किशोरी लाल जालान सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में संकट मोचन स्थित रामेश्वरम वाटिका में तीन दिवसीय महोत्सव के अंतिम दिन बुधवार को पद्म विभूषण डॉ. सोनल मान सिंह के नृत्य निर्देशन में प्रस्तुत भरतनाट्यम को दर्शक अपलक निहारते रह गए। देवाधिदेव महादेव को समर्पित नृत्य नाटिकाओं में वर्तमान समाज का दर्द दिखा। उन्होंने शिवमहापुराण कथा पर आधारित ‘त्रिपुर संहार‘ नाटिका का मंचन किया। अमेरिका से आए गायक विशाल वैद ने भजन हरि ओम तत्सत से कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके बाद गजलों का सिलसिला शुरू किया जो देर रात तक चला। उनके साथ तबले पर परवेज हुसैन, सारंगी पर एहसान अली एवं गिटार पर शहनवाज हुसैन ने संगत की। इस दौरान डॉ. श्रावनी विश्वास ने सितार वादन की प्रस्तुति की। इससे पूर्व महोत्सव की अंतिम निशा का शुभारंभ प्रख्यात कथावाचक संत रमेश भाई ओझा ने दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान नटराज की प्रतिमा पर मार्ल्यापण कर किया। महोत्सव में पं. छन्नूलाल मिश्रा, दीनानाथ झुनझुनवाला, केशव जालान, कृष्ण कुमार जालान, राजीव त्रिपाठी, श्रीचन्द्र त्रिपाठी, उमा जालान, सीमा जालान, निलिमा त्रिपाठी, सरोज त्रिपाठी, खुशबू, भावना एवं देवयानी जालान आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे। स्वागत भगीरथ जालान एवं अखिलेश खेमका ने किया। संचालन प्रतिमा सिन्हा ने किया।
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सेठ किशोरी लाल जालान सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में संकट मोचन स्थित रामेश्वरम वाटिका में तीन दिवसीय महोत्सव के अंतिम दिन बुधवार को पद्म विभूषण डॉ. सोनल मान सिंह के नृत्य निर्देशन में प्रस्तुत भरतनाट्यम को दर्शक अपलक निहारते रह गए। देवाधिदेव महादेव को समर्पित नृत्य नाटिकाओं में वर्तमान समाज का दर्द दिखा। उन्होंने शिवमहापुराण कथा पर आधारित ‘त्रिपुर संहार‘ नाटिका का मंचन किया। अमेरिका से आए गायक विशाल वैद ने भजन हरि ओम तत्सत से कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके बाद गजलों का सिलसिला शुरू किया जो देर रात तक चला। उनके साथ तबले पर परवेज हुसैन, सारंगी पर एहसान अली एवं गिटार पर शहनवाज हुसैन ने संगत की। इस दौरान डॉ. श्रावनी विश्वास ने सितार वादन की प्रस्तुति की। इससे पूर्व महोत्सव की अंतिम निशा का शुभारंभ प्रख्यात कथावाचक संत रमेश भाई ओझा ने दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान नटराज की प्रतिमा पर मार्ल्यापण कर किया। महोत्सव में पं. छन्नूलाल मिश्रा, दीनानाथ झुनझुनवाला, केशव जालान, कृष्ण कुमार जालान, राजीव त्रिपाठी, श्रीचन्द्र त्रिपाठी, उमा जालान, सीमा जालान, निलिमा त्रिपाठी, सरोज त्रिपाठी, खुशबू, भावना एवं देवयानी जालान आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे। स्वागत भगीरथ जालान एवं अखिलेश खेमका ने किया। संचालन प्रतिमा सिन्हा ने किया।
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