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अपराधियों की तस्दीक करना होगा आसान
Updated Tue, 15 May 2018 02:32 AM IST
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वाराणसी। अपराधियों की तस्दीक करना अब पुलिस के साथ ही आम आदमी के लिए भी बेहद आसान होगा। इसके लिए एसपी मिर्जापुर की पहल पर पहचान एप तैयार किया गया है।
सोमवार को पुलिस लाइन में आयोजित कार्यशाला में जोन के दस जिलों की डीसीआरबी और स्वाट प्रभारियों के सामने एडीजी पीवी रामाशास्त्री ने आपराधिक डाटाबेस प्रणाली वाले पहचान एप को लांच कर उसके बारे में जानकारी दी। कहा कि आगामी 21 मई तक सभी दस जिले पहचान एप में अपराधियों से संबंधित डाटा फीड कर लें और इसके बाद पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसका आकलन किया जाएगा।
एसपी मिर्जापुर आशीष तिवारी ने बताया कि इस एप को इनोडल सॉल्यूशन के डेवलपर चिराग शाह की मदद से तैयार किया गया है। एप में सक्रिय अपराधी और डीसीआरबी के रिकॉर्ड के साथ ही अभियुक्तों को जेल भेजते समय उनका फोटो खींच कर क्रिमिनल डाटाबेस तैयार किया जाएगा। जब भी पुलिस किसी संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ती है तो फोटो खींच कर उसके बारे में एप से आसानी से पता लगा सकती है। इसी तरह होटलों में जो लोग ठहरते हैं उनका विवरण परिचय पत्र के साथ दर्ज किया जाता है। उसी जानकारी को फोटो के साथ पहचान एप में डालने पर होटल संचालक और पुलिस को पता लग जाएगा कि कोई अपराधी तो नहीं ठहरा है।
इसी तरीके से किरायेदारों का सत्यापन भी एप की मदद से आसानी से किया जा सकेगा। एसपी मिर्जापुर ने बताया कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का जितना अधिक से अधिक विवरण एप में दर्ज हो जाएगा, ऐसे लोगों को चिह्नित करने में उतनी ही आसानी होगी।
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सोमवार को पुलिस लाइन में आयोजित कार्यशाला में जोन के दस जिलों की डीसीआरबी और स्वाट प्रभारियों के सामने एडीजी पीवी रामाशास्त्री ने आपराधिक डाटाबेस प्रणाली वाले पहचान एप को लांच कर उसके बारे में जानकारी दी। कहा कि आगामी 21 मई तक सभी दस जिले पहचान एप में अपराधियों से संबंधित डाटा फीड कर लें और इसके बाद पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसका आकलन किया जाएगा।
एसपी मिर्जापुर आशीष तिवारी ने बताया कि इस एप को इनोडल सॉल्यूशन के डेवलपर चिराग शाह की मदद से तैयार किया गया है। एप में सक्रिय अपराधी और डीसीआरबी के रिकॉर्ड के साथ ही अभियुक्तों को जेल भेजते समय उनका फोटो खींच कर क्रिमिनल डाटाबेस तैयार किया जाएगा। जब भी पुलिस किसी संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ती है तो फोटो खींच कर उसके बारे में एप से आसानी से पता लगा सकती है। इसी तरह होटलों में जो लोग ठहरते हैं उनका विवरण परिचय पत्र के साथ दर्ज किया जाता है। उसी जानकारी को फोटो के साथ पहचान एप में डालने पर होटल संचालक और पुलिस को पता लग जाएगा कि कोई अपराधी तो नहीं ठहरा है।
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इसी तरीके से किरायेदारों का सत्यापन भी एप की मदद से आसानी से किया जा सकेगा। एसपी मिर्जापुर ने बताया कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का जितना अधिक से अधिक विवरण एप में दर्ज हो जाएगा, ऐसे लोगों को चिह्नित करने में उतनी ही आसानी होगी।
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