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दस दिन, चार वारदात, कार्रवाई धड़ाम 0
Updated Sun, 29 Apr 2018 02:36 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू कैंपस का माहौल एक बार फिर गरमा गया है। दस दिन में कैंपस में मारपीट, धरना-प्रदर्शन, छेड़खानी, आगजनी की चार घटनाएं हुई लेकिन अब तक कोई कार्रवाई न होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा होने लगा है।
20 अप्रैल को केंद्रीय पुस्तकालय के पास एक छात्रा के साथ छेड़खानी, 23 अप्रैल को विज्ञान संस्थान निदेशक कार्यालय के सामने 24 घंटे तक रास्ता जाम, कूड़े के ढेर में आग लगाकर छात्रों ने विरोध प्रकट किया। इसके बाद 26 अप्रैल को छात्र परिषद कार्यालय के पास छात्रों के दो गुटों में हुई मारपीट में शास्त्री के एक छात्र को गंभीर चोट आई। इस घटना के दूसरे दिन 28 अप्रैल को केवी बीएचयू के आगे कम्यूनिटी सेंटर में आई बारात में बारातियों और छात्रों के बीच मारपीट हुई और गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। एक के बाद एक वारदात और कोई ठोस कार्रवाई न होने से विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा होने लगा है। अब तो विश्वविद्यालय में नए कुलपति भी आ गए हैं, ऐसे में कार्रवाई न होने को लेकर तरह-तरह की चर्चा भी होने लगी है।
चीफ प्रॉक्टर, प्रो. रोयाना सिंह का कहना है कि विश्वविद्यालय में होने वाले वारदातों की सूचना मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। किसी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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20 अप्रैल को केंद्रीय पुस्तकालय के पास एक छात्रा के साथ छेड़खानी, 23 अप्रैल को विज्ञान संस्थान निदेशक कार्यालय के सामने 24 घंटे तक रास्ता जाम, कूड़े के ढेर में आग लगाकर छात्रों ने विरोध प्रकट किया। इसके बाद 26 अप्रैल को छात्र परिषद कार्यालय के पास छात्रों के दो गुटों में हुई मारपीट में शास्त्री के एक छात्र को गंभीर चोट आई। इस घटना के दूसरे दिन 28 अप्रैल को केवी बीएचयू के आगे कम्यूनिटी सेंटर में आई बारात में बारातियों और छात्रों के बीच मारपीट हुई और गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। एक के बाद एक वारदात और कोई ठोस कार्रवाई न होने से विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा होने लगा है। अब तो विश्वविद्यालय में नए कुलपति भी आ गए हैं, ऐसे में कार्रवाई न होने को लेकर तरह-तरह की चर्चा भी होने लगी है।
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चीफ प्रॉक्टर, प्रो. रोयाना सिंह का कहना है कि विश्वविद्यालय में होने वाले वारदातों की सूचना मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। किसी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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