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शहर में लगा जाम, आज से ट्रैफिक संभालेंगे दिव्यांग
Updated Tue, 06 Feb 2018 01:56 AM IST
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वाराणसी। लंका से पांडेयपुर तक का इलाका सोमवार को जाम की चपेट में रहा। सिगरा, महमूरगंज, बेनियाबाग, मैदागिन में सुबह से शाम तक जाम लगा रहा। एसपी यातायात सुरेशचंद्र रावत ने खुद पांडेयपुर चौराहे पर खड़े होकर जाम खुलवाया। यातायात पुलिस अब जाम से निबटने को नया इंतजाम करने जा रही है। गोदौलिया चौराहे का ट्रैफिक संभालने में पांच दिव्यांग आज से पुलिस की मदद करेंगे। कानपुर निवासी पांच प्रशिक्षित दिव्यांग सोमवार को वाराणसी पहुंच गए। वहीं 50 अन्य दिव्यांगों का प्रशिक्षण मंगलवार से शुरू होगा। ये 50 दिव्यांग भी पुलिस की मदद से शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने में मदद करेंगे। ट्रैफिक संभालने के साथ ही दिव्यांग लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूकता का संदेश भी देंगे। सीओ यातायात राकेश नायक की पहल पर यातायात पुलिस ने ये कदम उठाया है।
शहर में जगह-जगह रोजाना सुबह से देर शात तक जाम लगा रहता है। चौराहों और तिराहों पर तैनात सिपाही मुस्तैदी से ड्यूटी करने की बजाय इधर-उधर के काम में व्यस्त रहते हैं। सीओ ट्रैफिक राकेश नायक ने बताया कि कानपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने दो सौ दिव्यांगोें की मदद से शहर की यातायात व्यवस्था को काफी हद तक पटरी पर ला दिया था। इसका प्रयोग वाराणसी किया जा रहा है। कानपुर के दिव्यांग मित्रों से बातचीत की तो वो बनारस आने के लिए तैयार हो गए। कानपुर से कुल 20 दिव्यांगों को आना था। इसमें से अभी पांच आए हैं। गैर सरकारी संगठनों की मदद से प्रत्येक दिव्यांग को दो हजार रुपये महीना और भोजन के साथ ही रहने की सुविधा दी जाएगी।
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शहर में जगह-जगह रोजाना सुबह से देर शात तक जाम लगा रहता है। चौराहों और तिराहों पर तैनात सिपाही मुस्तैदी से ड्यूटी करने की बजाय इधर-उधर के काम में व्यस्त रहते हैं। सीओ ट्रैफिक राकेश नायक ने बताया कि कानपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने दो सौ दिव्यांगोें की मदद से शहर की यातायात व्यवस्था को काफी हद तक पटरी पर ला दिया था। इसका प्रयोग वाराणसी किया जा रहा है। कानपुर के दिव्यांग मित्रों से बातचीत की तो वो बनारस आने के लिए तैयार हो गए। कानपुर से कुल 20 दिव्यांगों को आना था। इसमें से अभी पांच आए हैं। गैर सरकारी संगठनों की मदद से प्रत्येक दिव्यांग को दो हजार रुपये महीना और भोजन के साथ ही रहने की सुविधा दी जाएगी।
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