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खुदा की बारगाह में उठे हजारों हाथ
Updated Sat, 18 Nov 2017 01:58 AM IST
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वाराणसी। पुराना पुल ईदगाह में शुक्रवार को ईद जैसा नजारा था। एक साथ सजदे में झुकते सिर और दुआ के लिए उठे हाथ, वाकई वो मंजर नूरानी था। ईदगाह से लेकर मैदान, कहीं ऐसी जगह नहीं थी जो खाली थी। क्या बड़े, क्या बुजुर्ग, नौजवान और बच्चे...। मुर्री बंद कर शहर भर के बुनकर यहां अगहनी जुमे की नमाज अदा करने पहुंचे थे। दो रेकअत जुमे की नमाज अदा कर सभी ने एक साथ बारगाह-ए-इलाही में कारोबार की तरक्की, मुल्क की हिफाजत, अमन-ओ-अमान के लिए हाथ उठाए और अपनी सैकड़ों पुरानी रिवायत को खुलूस के साथ पूरा किया।
बुनकर बिरादराना तंजीम बाईसी के एलान पर शुक्रवार को सरैया पुलकोहना स्थित पुराना पुल ईदगाह में अगहनी जुमे की नमाज अदा की गई। शहर भर के कोने कोने से तकरीबन सात हजार बुनकर यहां मौजुद थे। सरैया, बड़ी बाजार, पीलीकोठी ही नहीं नई सड़क, दालमंडी, मदनपुरा, रेवड़ी तालाब, बजरडीहा आदि इलाकों से लोगों का हुजूम यहां नमाज करने पहुंचा था। मौलाना नूरुल हसन ने नमाज अदा कराई। इससे पहले उन्होंने तकरीर पेश करते हुए खास तौर से मुस्लिम नौजवानों से ताकीद की कि वो ईमान से न भटकें। इस्लाम का दामन थामें। इसमें ही उनकी भलाई है। दुनिया और आखिरत में यही काम आने वाला है।
इससे पहले मौलाना जहीर, मौलाना शाद और मौलाना अकील ने तकरीर पेश की। सदारत सरदार हाजी अबुल कलाम अंसारी ने की। इस मौके पर बुनकर बिरादराना तंजीम बावनी के हाजी मुख्तार महतो, चौदहों के सरदार हाशिम, चौतीसों के महतो हैदर अंसारी, पांचों के सरदार मुर्तजा, पूर्व विधायक हाजी अब्दुल समद अंसारी, हाजी कलाम, हाफिज कल्लू, डॉ. इफ्तेखार अहमद जावेद, सरदार गुलाम नबी, सलमान शाहिद, मौलाना शकील, सरदार एहसान, डॉ. शमशाद, ओकास अंसारी, हाजी निसार, अफरोज अंसारी आदि मौजूद रहे। उधर अगहनी जुमे की चौकाघाट स्थित मस्जिद चौकाघाट में भी अदा की गई। यहां पर मौलाना नसीरुद्दीन की इमामत में नमाज हुई। यहां करीब पांच सौ लोगाें की भीड़ रही।
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बुनकर बिरादराना तंजीम बाईसी के एलान पर शुक्रवार को सरैया पुलकोहना स्थित पुराना पुल ईदगाह में अगहनी जुमे की नमाज अदा की गई। शहर भर के कोने कोने से तकरीबन सात हजार बुनकर यहां मौजुद थे। सरैया, बड़ी बाजार, पीलीकोठी ही नहीं नई सड़क, दालमंडी, मदनपुरा, रेवड़ी तालाब, बजरडीहा आदि इलाकों से लोगों का हुजूम यहां नमाज करने पहुंचा था। मौलाना नूरुल हसन ने नमाज अदा कराई। इससे पहले उन्होंने तकरीर पेश करते हुए खास तौर से मुस्लिम नौजवानों से ताकीद की कि वो ईमान से न भटकें। इस्लाम का दामन थामें। इसमें ही उनकी भलाई है। दुनिया और आखिरत में यही काम आने वाला है।
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इससे पहले मौलाना जहीर, मौलाना शाद और मौलाना अकील ने तकरीर पेश की। सदारत सरदार हाजी अबुल कलाम अंसारी ने की। इस मौके पर बुनकर बिरादराना तंजीम बावनी के हाजी मुख्तार महतो, चौदहों के सरदार हाशिम, चौतीसों के महतो हैदर अंसारी, पांचों के सरदार मुर्तजा, पूर्व विधायक हाजी अब्दुल समद अंसारी, हाजी कलाम, हाफिज कल्लू, डॉ. इफ्तेखार अहमद जावेद, सरदार गुलाम नबी, सलमान शाहिद, मौलाना शकील, सरदार एहसान, डॉ. शमशाद, ओकास अंसारी, हाजी निसार, अफरोज अंसारी आदि मौजूद रहे। उधर अगहनी जुमे की चौकाघाट स्थित मस्जिद चौकाघाट में भी अदा की गई। यहां पर मौलाना नसीरुद्दीन की इमामत में नमाज हुई। यहां करीब पांच सौ लोगाें की भीड़ रही।
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