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अयोध्या में बनाया जाएगा अंकोरवाट जैसा मंदिर
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वाराणसी। शारदा एवं ज्योतिष पीठ के पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने घोषणा की है कि अयोध्या में कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर जैसा भव्य श्रीराम मंदिर बनाया जाएगा। शंकराचार्य ने बताया कि अंकोरवाट जैसे मंदिर के लिए 21 इंजीनियरों की टीम 15 दिन में मॉडल प्रस्तुत करेगी।
गुरुवार को केदार घाट स्थित विद्यामठ में शंकराचार्य ने आचार्य पं. वीरेश्वर दातार के आचार्यत्व में अयोध्या के 67.370 एकड़ प्लाट के नक्शे पर शिष्य गिरीश चंद्र तिवारी की ओर से प्रदत्त चांदी की चार ईंटें नंदा, भद्रा, जया और पूर्णा रखकर प्रतीकात्मक शिलापूजन किया। शंकराचार्य ने कहा कि 2.77 एकड़ विवादित स्थल ही रामलला का जन्मस्थल है। मंदिर वहीं बनेगा। रामजन्म भूमि का कोई विकल्प नहीं है। हम आराध्य भगवान राम का मंदिर बनाएंगे, जबकि कुछ लोग अयोध्या में पुतला बनाने की तैयारी में हैं।
शंकराचार्य ने वेद सेवालाय, बद्रीनाथ मंदिर और श्री शंकराचार्य वृद्ध सेवालय का भी शिलापूजन किया। ये भी मंदिर के साथ ही बनेंगे। शंकराचार्य ने बताया कि शिष्य गोविंदानंद सरस्वती ने भी अयोध्या में मंदिर के लिए शिलापूजन किया है। भाजपा पर आरोप लगाया, श्रीराम मंदिर को वह बेवजह विवादित बना रही है जो लोक हित में नहीं है।
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इसके साथ ही रामाग्रह यूथ टीम के गठन की घोषणा करते हुए उन्होंने बताया कि 11,460 लोगों की रामाग्रह यूथ टीम बनाई गई है। यह टीम चार नामों की ईंटें लेकर मंदिर निर्माण के लिए जाएगी। हर घंटे चार लोग रवाना होंगे। इसे दंडी मार्च नाम दिया गया है। टीम का नाम और नंबर भी तय कर दिया गया है।
इस मौके पर सुबुद्धानंद महाराज, स्वामी सदाशिव ब्रह्मेंद्रानंद सरस्वती, महाराज मणिशरण सनातन, धारानंद ब्रह्मचारी, शारदानंद ब्रह्मचारी, मुरारी स्वरूप ब्रह्मचारी, रामानंद ब्रह्मचारी, कैवल्यानंद ब्रह्मचारी, साध्वी शारदाम्बा, साध्वी पूर्णाम्बा, दीपेश दुबे, बालेंदुनाथ मिश्र, हरिश्चंद्र शर्मा, विजया तिवारी और संजय पांडेय उपस्थित रहे।
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गुरुवार को केदार घाट स्थित विद्यामठ में शंकराचार्य ने आचार्य पं. वीरेश्वर दातार के आचार्यत्व में अयोध्या के 67.370 एकड़ प्लाट के नक्शे पर शिष्य गिरीश चंद्र तिवारी की ओर से प्रदत्त चांदी की चार ईंटें नंदा, भद्रा, जया और पूर्णा रखकर प्रतीकात्मक शिलापूजन किया। शंकराचार्य ने कहा कि 2.77 एकड़ विवादित स्थल ही रामलला का जन्मस्थल है। मंदिर वहीं बनेगा। रामजन्म भूमि का कोई विकल्प नहीं है। हम आराध्य भगवान राम का मंदिर बनाएंगे, जबकि कुछ लोग अयोध्या में पुतला बनाने की तैयारी में हैं।
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शंकराचार्य ने वेद सेवालाय, बद्रीनाथ मंदिर और श्री शंकराचार्य वृद्ध सेवालय का भी शिलापूजन किया। ये भी मंदिर के साथ ही बनेंगे। शंकराचार्य ने बताया कि शिष्य गोविंदानंद सरस्वती ने भी अयोध्या में मंदिर के लिए शिलापूजन किया है। भाजपा पर आरोप लगाया, श्रीराम मंदिर को वह बेवजह विवादित बना रही है जो लोक हित में नहीं है।
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इसके साथ ही रामाग्रह यूथ टीम के गठन की घोषणा करते हुए उन्होंने बताया कि 11,460 लोगों की रामाग्रह यूथ टीम बनाई गई है। यह टीम चार नामों की ईंटें लेकर मंदिर निर्माण के लिए जाएगी। हर घंटे चार लोग रवाना होंगे। इसे दंडी मार्च नाम दिया गया है। टीम का नाम और नंबर भी तय कर दिया गया है।
इस मौके पर सुबुद्धानंद महाराज, स्वामी सदाशिव ब्रह्मेंद्रानंद सरस्वती, महाराज मणिशरण सनातन, धारानंद ब्रह्मचारी, शारदानंद ब्रह्मचारी, मुरारी स्वरूप ब्रह्मचारी, रामानंद ब्रह्मचारी, कैवल्यानंद ब्रह्मचारी, साध्वी शारदाम्बा, साध्वी पूर्णाम्बा, दीपेश दुबे, बालेंदुनाथ मिश्र, हरिश्चंद्र शर्मा, विजया तिवारी और संजय पांडेय उपस्थित रहे।