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मंडुवाडीह स्टेशन की सेकेंड इंट्री पर मिलने लगीं यात्री सुविधाएं
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वाराणसी। प्रधानमंत्री ने औढ़े में आयोजित जनसभा में मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया। साथ ही सारनाथ-वाराणसी जंक्शन मंडुवाडीह रेल खंड के दोहरीकरण व वाराणसी-प्रयागराज रेल खंड के विद्युतीकरण का लोकार्पण किया।
वाराणसी-इलाहाबाद रेल खंड के विद्युतीकरण के लोकार्पण के बाद नई दिल्ली से वाया इलाहाबाद और छपरा तक इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। इसके साथ ही अब विद्युत ट्रैक्शन से सीधे हावड़ा से छपरा, वाराणसी व इलाहाबाद होते हुए नई दिल्ली तक ट्रेन का संचालन भी संभव हो गया है ।
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने बताया कि 36.79 करोड़ की लागत से मंडुवाडीह के द्वितीय प्रवेश द्वार का निर्माण हुआ। सेकेंड एंट्री पर बुकिंग कार्यालय, रिफ्रशमेंट रूम, कैफेटेरिया व फ़ू ड प्लाजा पर यात्री सुविधाएं मिलने लगीं। बुकिंग क्लर्क आनंद कुमार श्रीवास्तव व प्रवीन उपाध्याय व पूछताछ काउंटर पर रघुनंदन कुमार यात्रियों को सेवाएं दे रहे थे। महिला व पुरुष यात्रियों के लिए अलग-अलग तथा एसी लाउंज व आरक्षित लाउंज बनाए गए हैं। सर्कुलेटिंग एरिया में आकर्षक लाइटयुक्तफ व्वारा के साथ स्टील व सीमेंट की सीट लगाई गई है।
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इस मौके पर महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे राजीव अग्रवाल, प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर बेचू राय, मुख्य जन संपर्क अधिकारी संजय यादव व मंडल रेल प्रबंधक एसके झा मंडलीय अधिकारीयों समेत उपस्थित रहे। बाद में जीएम ने मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया।
द्वितीय प्रवेश द्वार के बाहर नुमाइश के लिए रखे गए अंग्रेजों के जमाने में विदेश में बने इंजन से छुक-छुक की आवाज आएगी। अगर इसका भोपू बजाया गया तो यह कोयले का धुआं भी निकलेगा। यह रेल इंजन शहरियों के सामने अनूठे अंदाज में पेश किया जा रहा है। रेलवे के मैकेनिकल विभाग ने लाइट एंड साउंड सिस्टम से इसे जीवंत करने की कोशिश की है। इंजीनियर इंजन के कई हिस्सों में साउंड डिवाइस लगा रहे हैं, जो छुक-छुक की आवाज निकालेगा। रविवार शाम कमिश्नर दीपक अग्रवाल और एडीआरएम के सामने इसका रिहर्सल भी किया गया था।
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वाराणसी-इलाहाबाद रेल खंड के विद्युतीकरण के लोकार्पण के बाद नई दिल्ली से वाया इलाहाबाद और छपरा तक इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। इसके साथ ही अब विद्युत ट्रैक्शन से सीधे हावड़ा से छपरा, वाराणसी व इलाहाबाद होते हुए नई दिल्ली तक ट्रेन का संचालन भी संभव हो गया है ।
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रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने बताया कि 36.79 करोड़ की लागत से मंडुवाडीह के द्वितीय प्रवेश द्वार का निर्माण हुआ। सेकेंड एंट्री पर बुकिंग कार्यालय, रिफ्रशमेंट रूम, कैफेटेरिया व फ़ू ड प्लाजा पर यात्री सुविधाएं मिलने लगीं। बुकिंग क्लर्क आनंद कुमार श्रीवास्तव व प्रवीन उपाध्याय व पूछताछ काउंटर पर रघुनंदन कुमार यात्रियों को सेवाएं दे रहे थे। महिला व पुरुष यात्रियों के लिए अलग-अलग तथा एसी लाउंज व आरक्षित लाउंज बनाए गए हैं। सर्कुलेटिंग एरिया में आकर्षक लाइटयुक्तफ व्वारा के साथ स्टील व सीमेंट की सीट लगाई गई है।
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इस मौके पर महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे राजीव अग्रवाल, प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर बेचू राय, मुख्य जन संपर्क अधिकारी संजय यादव व मंडल रेल प्रबंधक एसके झा मंडलीय अधिकारीयों समेत उपस्थित रहे। बाद में जीएम ने मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया।
द्वितीय प्रवेश द्वार के बाहर नुमाइश के लिए रखे गए अंग्रेजों के जमाने में विदेश में बने इंजन से छुक-छुक की आवाज आएगी। अगर इसका भोपू बजाया गया तो यह कोयले का धुआं भी निकलेगा। यह रेल इंजन शहरियों के सामने अनूठे अंदाज में पेश किया जा रहा है। रेलवे के मैकेनिकल विभाग ने लाइट एंड साउंड सिस्टम से इसे जीवंत करने की कोशिश की है। इंजीनियर इंजन के कई हिस्सों में साउंड डिवाइस लगा रहे हैं, जो छुक-छुक की आवाज निकालेगा। रविवार शाम कमिश्नर दीपक अग्रवाल और एडीआरएम के सामने इसका रिहर्सल भी किया गया था।