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गंगा बचीं तो बचेगा कुंभ, छलकेगा अमृत
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वाराणसी। गंगा बचेंगी तो कुंभ बचेगा। कुंभ बचा तभी अमृत कलश भी छलकेगा, जीवन राग भी तभी स्पंदित होगा। संकट मोचन फाउंडेशन एवं ग्रीन संस्था ऑस्ट्रेलिया द्वारा संचालित संस्था मदर्स फॉर मदर की सदस्य यही संदेश लेकर प्रयागराज के कुंभ क्षेत्र पहुंची। ये सदस्य संपूर्ण कुंभ क्षेत्र में गंगा रक्षा अभियान की अलख जगा रही हैं। गंगा की निर्मलता और अविरलता का संदेश लेकर संस्था की संस्थापक अध्यक्ष आभा मिश्रा की अगुवाई में कुंभ में प्रवास कर रही माताओं ने गंगा पूजन के बाद मेला क्षेत्र की प्रदक्षिणा करके लोगों के दिलों तक गंगा की पीड़ा पहुंचाई और संकल्प दिलाया कि वे दैनिक कार्यों के अलावा गंगा की सेवा के लिए कुछ समय अवश्य देंगे । मदर्स फॉर मदर के जागरूकता अभियान दल में संस्थापक अध्यक्ष आभा मिश्रा, सचिव गायत्री पाठक, सुनीता शर्मा, प्रीति उपासनी, नंदिनी पांडेय ,सरोजिनी महापात्रा, संगीता पांडेय, तनु शुक्ला, शुभ्रा शाही, नीतू सिंह, दिव्या, रीता पाण्डेय, डॉ. शारदा सिंह आदि शामिल रहीं।
बसंत पंचमी पर रविवार को संकट मोचन मंदिर में नौ दिवसीय संगीतमय श्रीरामचरितमानस पाठ का शुभारंभ हुआ। पाठ का शुभारंभ संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने मानस में वर्णित सभी देवी देवताओं का पूजन अर्चन करके किया। इसके पश्चात आचार्य पंडित ऋ तुराज कात्यायन के संयोजन में सात संगीत साधक मानस मर्मज्ञों ने संगीतमय पाठ का शुभारंभ किया। पहले दिन बालकांड के दोहे एवं चौपाइयाें से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को मानस से जोड़ने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है। इसमें मानस के संगीतमय पाठ के साथ-साथ मानस पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा। पंडित ऋतुराज के साथ तबला पर संजय पाठक, पैड पर अनमोल, बैंजो पर अजय सहित सह गायक दिवाकर और गणेश ने संगत किया। संचालन राघवेंद्र पांडेय ने किया। इसके पूर्व पंडित स्वर्ण प्रताप चतुर्वेदी ने वैदिक मंत्रों के साथ पूजन कराया ।
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बसंत पंचमी पर रविवार को संकट मोचन मंदिर में नौ दिवसीय संगीतमय श्रीरामचरितमानस पाठ का शुभारंभ हुआ। पाठ का शुभारंभ संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने मानस में वर्णित सभी देवी देवताओं का पूजन अर्चन करके किया। इसके पश्चात आचार्य पंडित ऋ तुराज कात्यायन के संयोजन में सात संगीत साधक मानस मर्मज्ञों ने संगीतमय पाठ का शुभारंभ किया। पहले दिन बालकांड के दोहे एवं चौपाइयाें से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को मानस से जोड़ने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है। इसमें मानस के संगीतमय पाठ के साथ-साथ मानस पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा। पंडित ऋतुराज के साथ तबला पर संजय पाठक, पैड पर अनमोल, बैंजो पर अजय सहित सह गायक दिवाकर और गणेश ने संगत किया। संचालन राघवेंद्र पांडेय ने किया। इसके पूर्व पंडित स्वर्ण प्रताप चतुर्वेदी ने वैदिक मंत्रों के साथ पूजन कराया ।
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