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आंधी-पानी ने जिले में मचाई तबाही
Updated Fri, 04 May 2018 12:32 AM IST
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ज्ञानपुर। आंधी-पानी ने बुधवार की रात जिले में भारी तबाही मचाई। दर्जनों पेड़ धराशायी हो गए। सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया तो तार और खंभे टूटने से बिजली आपूर्ति छिन्न-भिन्न हो गई। तंबू-कनात उखड़ने से शादी समारोहों में खलल पड़ गया। कई जगह छप्पर और टीनशेड उड़ गए। खेत-खलिहान में पड़ी फसल पानी से भींगकर लथपथ हो गईं। इससे मड़ाई कार्य बाधित हो गया। वहीं, सड़कों पर जलभराव और कीचड़ होने से दिन भर लोग परेशान रहे।
बीती रात करीब डेढ़ बजे मौसम का मिजाज बदला और तेज आंधी शुरू हो गई। कुछ देर बाद झमाझम बारिश भी होने लगी लेकिन आंधी थमने का नाम नहीं ले रही थी। इसके चलते शहरी और ग्रामीण इलाकों में पांच दर्जन से ज्यादा पेड़ उखड़कर धराशायी हो गए। कई जगह डालियां भी टूटीं। ज्ञानपुर नगर से लगे गिरधरपुर में सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। सुबह लोगों ने पेड़ की डालियां काटकर उसे हटाया, तब जाकर यातायात बहाल हुआ। केएन पीजी कॉलेज परिसर में स्थित एक पेड़ टूटकर ज्ञान सरोवर की सीढ़ियों पर गिर गया। इससे कॉलेज की चहारदीवारी टूट गई। जगह-जगह बिजली के तार टूटकर लटक गए और पोल गिर गए या टेढ़े हो गए। इससे जिले की बिजली आपूर्ति चरमरा गई। आधी रात से गायब बिजली का बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे जिला मुख्यालय पर दर्शन हुआ। ग्रामीण इलाकों में फॉल्ट ठीक न होने के कारण दोपहर बाद तक बिजली का अता-पता नहीं था। इसी तरह टेलीफोन और ब्रॉडबैंड की लाइनें भी बाधित हुईं। दोपहर तक बीएसएनएल के ब्रॉडबैंड कनेक्शन फेल रहे।
मोढ़: रात तेज आंधी-पानी से इलाके के चकचंदा गांव में जोखन यादव का नीम का पेड़ गिर गया। पेड़ के नीचे बंधी भैस और गाय बाल-बाल बच गए। क्षेत्र में कई स्थानों पर पेड़ की डालियां टूट गईं। बदलीपुर प्रधानमंत्री मार्ग के समीप बिजली का खंभा टेढ़ा हो गया और तार जमीन पर लटक गए। इससे कई गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सड़क पर पेड़ गिरने से ज्ञानपुर-मोढ़ मार्ग पर यातायात ठप हो गया। वहीं, कुछ किसान गेहूं की मड़ाई के लिए बोझ खहिलान में रखे थे। बारिश से भींगकर फसल खराब हो गई। अब मड़ाई के लिए फसल सूखने का इंतजार करना पड़ेगा। सुबह किसान भीगी फसल को फैलाने में जुट गए। शादी समारोहों में भी आंधी-पानी ने बाधा डाली।
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गोपीगंज: आंधी से दर्जनों घरों के टिनशेड और छप्पर उड़ गए। घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। आंधी के समय एक घंटे तक वाराणसी-इलाहाबाद हाईवे पर यातायात ठप रहा। जगह-जगह बारिश के चलते जलजमाव की स्थिति बनी। कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में घरों और दुकानों पर लगे टीनशेड उड़ गए। आंधी-पानी से गेहूं की मड़ाई का काम भी ठप हो गया। इसी तरह औराई, सुरियावां, चौरी, सीतामढ़ी, जंगीगंज, दुर्गागंज, ऊंज आदि क्षेत्रों में भी आंधी-बारिश ने भारी क्षति पहुंचाई।
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बीती रात करीब डेढ़ बजे मौसम का मिजाज बदला और तेज आंधी शुरू हो गई। कुछ देर बाद झमाझम बारिश भी होने लगी लेकिन आंधी थमने का नाम नहीं ले रही थी। इसके चलते शहरी और ग्रामीण इलाकों में पांच दर्जन से ज्यादा पेड़ उखड़कर धराशायी हो गए। कई जगह डालियां भी टूटीं। ज्ञानपुर नगर से लगे गिरधरपुर में सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। सुबह लोगों ने पेड़ की डालियां काटकर उसे हटाया, तब जाकर यातायात बहाल हुआ। केएन पीजी कॉलेज परिसर में स्थित एक पेड़ टूटकर ज्ञान सरोवर की सीढ़ियों पर गिर गया। इससे कॉलेज की चहारदीवारी टूट गई। जगह-जगह बिजली के तार टूटकर लटक गए और पोल गिर गए या टेढ़े हो गए। इससे जिले की बिजली आपूर्ति चरमरा गई। आधी रात से गायब बिजली का बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे जिला मुख्यालय पर दर्शन हुआ। ग्रामीण इलाकों में फॉल्ट ठीक न होने के कारण दोपहर बाद तक बिजली का अता-पता नहीं था। इसी तरह टेलीफोन और ब्रॉडबैंड की लाइनें भी बाधित हुईं। दोपहर तक बीएसएनएल के ब्रॉडबैंड कनेक्शन फेल रहे।
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मोढ़: रात तेज आंधी-पानी से इलाके के चकचंदा गांव में जोखन यादव का नीम का पेड़ गिर गया। पेड़ के नीचे बंधी भैस और गाय बाल-बाल बच गए। क्षेत्र में कई स्थानों पर पेड़ की डालियां टूट गईं। बदलीपुर प्रधानमंत्री मार्ग के समीप बिजली का खंभा टेढ़ा हो गया और तार जमीन पर लटक गए। इससे कई गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सड़क पर पेड़ गिरने से ज्ञानपुर-मोढ़ मार्ग पर यातायात ठप हो गया। वहीं, कुछ किसान गेहूं की मड़ाई के लिए बोझ खहिलान में रखे थे। बारिश से भींगकर फसल खराब हो गई। अब मड़ाई के लिए फसल सूखने का इंतजार करना पड़ेगा। सुबह किसान भीगी फसल को फैलाने में जुट गए। शादी समारोहों में भी आंधी-पानी ने बाधा डाली।
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गोपीगंज: आंधी से दर्जनों घरों के टिनशेड और छप्पर उड़ गए। घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। आंधी के समय एक घंटे तक वाराणसी-इलाहाबाद हाईवे पर यातायात ठप रहा। जगह-जगह बारिश के चलते जलजमाव की स्थिति बनी। कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में घरों और दुकानों पर लगे टीनशेड उड़ गए। आंधी-पानी से गेहूं की मड़ाई का काम भी ठप हो गया। इसी तरह औराई, सुरियावां, चौरी, सीतामढ़ी, जंगीगंज, दुर्गागंज, ऊंज आदि क्षेत्रों में भी आंधी-बारिश ने भारी क्षति पहुंचाई।