{"_id":"59cac0204f1c1b9c538b48d3","slug":"201506459680-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा के जांच दल ने अखिलेश यादव को सौंपी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपा के जांच दल ने अखिलेश यादव को सौंपी रिपोर्ट
Updated Wed, 27 Sep 2017 02:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीएचयू में हुए लाठीचार्ज के मामले में सपा के जांच दल ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सीएम अखिलेश यादव को सौंप दी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में बीएचयू प्रशासन को कसूरवार बताया गया है। साथ ही छात्राओं पर लाठीचार्ज करने के मामले में पुलिस और प्रशासन को भी दोषी ठहराया गया है। पार्टी का कहना है कि अखिलेश यादव के निर्देश पर इस घटना के विरोध में आगे के आंदोलन की रणनीति होगी। प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं बीएचयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह बुधवार को लखनऊ से वाराणसी पहुंचेंगे। जल्द ही कुछ अन्य नेता भी पहुंचेंगे। माना जा रहा है कि घटना के विरोध में आंदोलन को धार देने की जिम्मेदारी पार्टी से जुड़े बीएचयू के कुछ पूर्व छात्र नेताओं को दी जा सकती है।
सपा के फ्रंटल संगठन छात्र सभा, युवजन सभा, मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड, लोहिया वाहिनी को आंदोलन की जिम्मेदारी की जा सकती है। जिले में इन संगठनों से करीब पांच हजार युवक जुड़े हुए हैं। जिला और और महानगर इकाई को भी इसमें जिम्मेदारी दी जाएगी। सपा के प्रदेश पदाधिकारी भी वाराणसी आएंगे। सपा जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव ने बताया कि वाराणसी पहुंची आठ सदस्यीय जांच कमेटी ने अखिलेश यादव को रिपोर्ट दे दी है। पार्टी नेतृत्व के दिशा निर्देश पर आगे के आंदोलन की रणनीति बनेगी।
विज्ञापन
सपा के फ्रंटल संगठन छात्र सभा, युवजन सभा, मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड, लोहिया वाहिनी को आंदोलन की जिम्मेदारी की जा सकती है। जिले में इन संगठनों से करीब पांच हजार युवक जुड़े हुए हैं। जिला और और महानगर इकाई को भी इसमें जिम्मेदारी दी जाएगी। सपा के प्रदेश पदाधिकारी भी वाराणसी आएंगे। सपा जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव ने बताया कि वाराणसी पहुंची आठ सदस्यीय जांच कमेटी ने अखिलेश यादव को रिपोर्ट दे दी है। पार्टी नेतृत्व के दिशा निर्देश पर आगे के आंदोलन की रणनीति बनेगी।
विज्ञापन