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जैविक खाद से खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाएं
Updated Fri, 30 Mar 2018 01:27 AM IST
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ज्ञानपुर। अभोली विकास खंड के सदौपुर गांव में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की ओर से पं. दीनदयाल उपाध्याय उन्नत कृषि शिक्षा के तहत आयोजित पांच दिवसीय कृषक आवासीय प्रशिक्षण शिविर का गुरुवार को समापन हो गया। अंतिम दिन किसानों जैविक खाद के फायदे बताए गए।
कृषि केंद्र बेजवां भदोही के कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि किसान अपने खेतों में जैविक खाद का प्रयोग करें। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी। लागत भी कम आएगी। ऊपज भी अधिक होगी। साथ ही खाद्यान्न की गुणव्ता भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद जमीन को बंजर बना रही है। जैविक खाद का उपयोग कर किसान अपनी जमीन को बंजर होने बचाएं। सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सत्य नारायण ने कहा कि किसान रासायनिक खाद भूमि के लिए खतरनाक है। किसानों को इसके उपयोग से बचना चाहिए। लगातार एक खेत में वही फसल नहीं बोनी चाहिए। अमेठी के पंकज कुमार पांडेय ने कहा कि किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती करके अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। तकनीकी का अधिक से अधिक उपयोग किया जाना चाहिए। पशु चिकित्सक डॉ. गोविंद कुमार चौधरी ने कहा कि किसान पशु पालन करके अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। अच्छी नश्ल की गाय और भैंस पालकर दूध का अच्छा उत्पादन कर सकते हैं। प्रशिक्षण शिविर आयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि प्रशिक्षित किसान ही अपनी आय बढ़ा सकते हैं। सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कई योजनाएं संचालित की है। किसान इन योजनाओं का लाभ उठाएं। पशिक्षण के दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
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कृषि केंद्र बेजवां भदोही के कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि किसान अपने खेतों में जैविक खाद का प्रयोग करें। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी। लागत भी कम आएगी। ऊपज भी अधिक होगी। साथ ही खाद्यान्न की गुणव्ता भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद जमीन को बंजर बना रही है। जैविक खाद का उपयोग कर किसान अपनी जमीन को बंजर होने बचाएं। सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सत्य नारायण ने कहा कि किसान रासायनिक खाद भूमि के लिए खतरनाक है। किसानों को इसके उपयोग से बचना चाहिए। लगातार एक खेत में वही फसल नहीं बोनी चाहिए। अमेठी के पंकज कुमार पांडेय ने कहा कि किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती करके अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। तकनीकी का अधिक से अधिक उपयोग किया जाना चाहिए। पशु चिकित्सक डॉ. गोविंद कुमार चौधरी ने कहा कि किसान पशु पालन करके अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। अच्छी नश्ल की गाय और भैंस पालकर दूध का अच्छा उत्पादन कर सकते हैं। प्रशिक्षण शिविर आयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि प्रशिक्षित किसान ही अपनी आय बढ़ा सकते हैं। सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कई योजनाएं संचालित की है। किसान इन योजनाओं का लाभ उठाएं। पशिक्षण के दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
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