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पूर्व विधायक समेत 11 के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस 19-39-17
Updated Sat, 08 Jul 2017 11:59 PM IST
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मडियाहूं। कागज पर ही खड़ंजा का निर्माण कर सरकारी धन हड़पने के मामले में मड़ियाहूं की पूर्व विधायक श्रद्धा यादव समेत 11 लोगों के खिलाफ पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। मड़ियाहूं कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन वाराणसी के इंस्पेक्टर रमाशंकर यादव की तहरीर पर की है। आरोप है कि पूर्व विधायक श्रद्धा यादव वर्ष 2004-05 में जब मड़ियाहूं की ब्लाक प्रमुख थीं तो उसी दौरान पाली-गुतवन मार्ग से कालूपुर तक और पिपरा पक्की सड़क से औरैला पाल बस्ती तक खड़ंजा का निर्माण कागज में पूरा कर सरकारी धन हड़प लिया गया था। मामले की शिकायत पर जांच हुई तो पता चला कि इन दोनों संपर्क मार्गों पर खड़ंजा लगा नहीं है।
वर्ष 2004 में सुनिश्चित रोजगार योजना (एसजीआरवाई) के तहत मजदूरी का भुगतान नकद और खाद्यान्न दोनों में किया जाता था। मजदूरी में उन्हें 58 रुपये नकद और बाकी चावल दिया जाता था। खाद्यान्न का वितरण सरकारी सस्ते गल्ले की दूकान से किया जाता था। गोपनीय शिकायत पर आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन वाराणसी शाखा ने मामले की जांच शुरू किया तो पता चला कि खड़ंजा का निर्माण कागजों में की कर लिया गया है। मौके पर कोई काम ही नहीं हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर रमाशंकर यादव ने पूर्व विधायक एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख श्रद्धा यादव, पूर्व प्रमुख अभिमन्यु यादव, खंड विकास अधिकारी राजनाथ यादव, खंड विकास अधिकारी रविंद्र वीर यादव, वरिष्ठ विपणन अधिकारी उमाशंकर शर्मा, अवर अभियंता श्याम कुमार, लिपिक सतीश सिन्हा, सहायक लेखाकार सुनील सिंह, ग्राम विकास अधिकारी प्रमोद सिंह, ग्राम विकास अधिकारी कमलेश चौबे, कोटेदार प्रेमचंद जायसवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468 , 471, 477, 120बी, 913, 341 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया है।
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वर्ष 2004 में सुनिश्चित रोजगार योजना (एसजीआरवाई) के तहत मजदूरी का भुगतान नकद और खाद्यान्न दोनों में किया जाता था। मजदूरी में उन्हें 58 रुपये नकद और बाकी चावल दिया जाता था। खाद्यान्न का वितरण सरकारी सस्ते गल्ले की दूकान से किया जाता था। गोपनीय शिकायत पर आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन वाराणसी शाखा ने मामले की जांच शुरू किया तो पता चला कि खड़ंजा का निर्माण कागजों में की कर लिया गया है। मौके पर कोई काम ही नहीं हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर रमाशंकर यादव ने पूर्व विधायक एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख श्रद्धा यादव, पूर्व प्रमुख अभिमन्यु यादव, खंड विकास अधिकारी राजनाथ यादव, खंड विकास अधिकारी रविंद्र वीर यादव, वरिष्ठ विपणन अधिकारी उमाशंकर शर्मा, अवर अभियंता श्याम कुमार, लिपिक सतीश सिन्हा, सहायक लेखाकार सुनील सिंह, ग्राम विकास अधिकारी प्रमोद सिंह, ग्राम विकास अधिकारी कमलेश चौबे, कोटेदार प्रेमचंद जायसवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468 , 471, 477, 120बी, 913, 341 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया है।
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