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कूट रचना कर नाम दर्ज करने के मामले में केस का आदेश
Wed, 24 Apr 2019 10:24 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 24 Apr 2019 10:24 AM IST
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बलिया शहर कोतवाली क्षेत्र के गोपालपुर सहोदरा गांव में नामांतरण के एक प्रकरण में कूट रचना कर नाम दर्ज करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रमेश कुशवाहा की अदालत ने नायब तहसीलदार नगर जया सिंह, राजेश्वर ठाकुर समेत चार के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है। 20 दिन के अंदर आख्या भी मांगी है।
गोपालपुर सहोदरा निवासी आवेदक विनोद कुमार ठाकुर ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में धारा 156 (3) के तहत आवेदन दिया था। इसमें बताया था कि ग्राम विकास अधिकारी धनंजय सिंह ने 13 फरवरी को घर आकर बताया कि आपके पिता सुदामा ठाकुर के परिवार रजिस्टर की नकल व मृत्यु प्रमाण पत्र की नकल किसी मुकदमे में लगाने के लिए अमृत पाली निवासी राजेश्वर ठाकुर के भाई अवधेश ठाकुर फोन कर दबाव बना रहा है।
नायब तहसीलदार के न्यायालय में जाने पर पता चला कि धीरेंद्र राय कूट रचित बैनामा तैयार कर न्यायालय में असली के रूप में प्रयोग करते हुए उसके पुश्तैनी अराजी नंबर 59 रकबा 76 डिस्मिल, अराजी नंबर 60 रकबा 18 डिस्मिल, अराजी नंबर 61 रकबा 1.20 डिस्मिल का गलत तरीके से आदेश करा लिया है।
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इस मामले में सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रमेश कुशवाहा की अदालत ने नायब तहसीलदार नगर, राजेश्वर ठाकुर व अन्य के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है। हालांकि इस प्रकरण में पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है। नायब तहसीलदार जया सिंह ने बताया कि इस तरह के किसी मुकदमे के बारे में जानकारी नहीं है।
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गोपालपुर सहोदरा निवासी आवेदक विनोद कुमार ठाकुर ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में धारा 156 (3) के तहत आवेदन दिया था। इसमें बताया था कि ग्राम विकास अधिकारी धनंजय सिंह ने 13 फरवरी को घर आकर बताया कि आपके पिता सुदामा ठाकुर के परिवार रजिस्टर की नकल व मृत्यु प्रमाण पत्र की नकल किसी मुकदमे में लगाने के लिए अमृत पाली निवासी राजेश्वर ठाकुर के भाई अवधेश ठाकुर फोन कर दबाव बना रहा है।
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नायब तहसीलदार के न्यायालय में जाने पर पता चला कि धीरेंद्र राय कूट रचित बैनामा तैयार कर न्यायालय में असली के रूप में प्रयोग करते हुए उसके पुश्तैनी अराजी नंबर 59 रकबा 76 डिस्मिल, अराजी नंबर 60 रकबा 18 डिस्मिल, अराजी नंबर 61 रकबा 1.20 डिस्मिल का गलत तरीके से आदेश करा लिया है।
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इस मामले में सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रमेश कुशवाहा की अदालत ने नायब तहसीलदार नगर, राजेश्वर ठाकुर व अन्य के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है। हालांकि इस प्रकरण में पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है। नायब तहसीलदार जया सिंह ने बताया कि इस तरह के किसी मुकदमे के बारे में जानकारी नहीं है।