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मोरी मान तो कन्हैया ना खेलो ऐसी होरी...
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वाराणसी। संगीत एकेडमी ऑफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक की ओर से भदैनी पर होली पर संगीत संध्या शृंगारोत्सव का आयोजन किया गया। सितार, ध्रुपद की संगीतमय प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सितार वादक पं. शिवनाथ मिश्र के शिष्य यूएसए के वेड एवांस की संगीतमयी प्रस्तुतियां श्रोताओं के दिलों में उतर र्गइं। उन्होंने राग देश में विलंबित एवं द्रुत तीन ताल में पेश किया। उन्होंने बनारस घराने के सितार वादन की छाप छोड़ी। तबले पर प्रशांत मिश्र ने संगत की। समापन उन्होंने बनारसी होली से किया।
दूसरी प्रस्तुति में दिल्ली से आए दरभंगा घराने के पं. ब्रजभूषण गोस्वामी का ध्रुपद गायन हर किसी को लुभा गया। उन्होंने राग बागेश्वरी में ध्रुपद चार ताल में बंदिश पेश की। इसके पश्चात राग शंकरा में धमार ताल में होली की बंदिश राधा गोरी खेलन निकसी होरी ने समां बांध दिया। समापन उन्होंने राग भिन्न षडज में होरी मोरी मान तो कन्हैया ना खेलो ऐसी होरी... से किया। पखावज पर आदित्य दीप ने संगत की। संचालन सौरभ चक्रवर्ती ने किया। इसके पूर्व एकेडमी के निदेशक पं. शिवनाथ मिश्र ने कलाकारों का स्वागत किया। धन्यवाद ज्ञापन पं. देवब्रत मिश्र ने किया।
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दूसरी प्रस्तुति में दिल्ली से आए दरभंगा घराने के पं. ब्रजभूषण गोस्वामी का ध्रुपद गायन हर किसी को लुभा गया। उन्होंने राग बागेश्वरी में ध्रुपद चार ताल में बंदिश पेश की। इसके पश्चात राग शंकरा में धमार ताल में होली की बंदिश राधा गोरी खेलन निकसी होरी ने समां बांध दिया। समापन उन्होंने राग भिन्न षडज में होरी मोरी मान तो कन्हैया ना खेलो ऐसी होरी... से किया। पखावज पर आदित्य दीप ने संगत की। संचालन सौरभ चक्रवर्ती ने किया। इसके पूर्व एकेडमी के निदेशक पं. शिवनाथ मिश्र ने कलाकारों का स्वागत किया। धन्यवाद ज्ञापन पं. देवब्रत मिश्र ने किया।
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