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सुर, लय, ताल की त्रिवेणी में दिखी भारत की संस्कृति
Updated Mon, 05 Nov 2018 01:56 AM IST
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वाराणसी। देश की आजादी में हुए स्वतंत्रता संग्राम रविवार की रात एक बार फिर जीवंत हो गया। प्रवासी भारतीय सम्मेेलन में इंडिया डे पर आयोजित कार्यक्रम में कठपुतली नृत्य ने आजादी की लड़ाई का प्रदर्शन किया। लोक संस्कृति की खुशबू लिए लोक गीत, ओडिसी और कत्थक- भरत नाट्यम की जुगलबंदी से भारतीय कला को मंच पर प्रस्तुत किया गया। सुर, लय, ताल की त्रिवेणी से भारत की विविधिता में एकता का संदेश भी दिया गया।
टाउन हाल मैदान में प्रियंवदा तिवारी और समूह ने ओडिसी और भारत नाट्यम की जुगलबंदी पर सूफी नृत्य ने लोगों को मोह लिया। शनिश ज्ञावाली व समूह ने फ्यूजन संगीत पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। डा. विजय कपूर और उनकी टीम ने लोक गीत की प्रस्तुति दी। राजस्थानी की माटी की कला को समेटे शिवानी मिश्रा व समूह ने बीहू और डांडिया लोक नृत्य किया। मिथिलेश दूबे और उनकी टीम ने कठपुतली नृत्य से लोगों को आजादी की लड़ाई की याद दिलाई। इससे पहले मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, सीडीओ गौरांग राठी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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टाउन हाल मैदान में प्रियंवदा तिवारी और समूह ने ओडिसी और भारत नाट्यम की जुगलबंदी पर सूफी नृत्य ने लोगों को मोह लिया। शनिश ज्ञावाली व समूह ने फ्यूजन संगीत पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। डा. विजय कपूर और उनकी टीम ने लोक गीत की प्रस्तुति दी। राजस्थानी की माटी की कला को समेटे शिवानी मिश्रा व समूह ने बीहू और डांडिया लोक नृत्य किया। मिथिलेश दूबे और उनकी टीम ने कठपुतली नृत्य से लोगों को आजादी की लड़ाई की याद दिलाई। इससे पहले मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, सीडीओ गौरांग राठी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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