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मुआवजे की रकम ले लें मगर बेटी की पढ़ाई का प्रबंध करा दें0
Updated Fri, 01 Jun 2018 02:35 AM IST
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वाराणसी। निर्माणाधीन चौकाघाट फ्लाईओवर की दो बीम गिरने से हुई 15 लोगों की मौत से पीड़ित परिवार और उनके सगे संबंधी उबर नहीं पा रहे हैं। इस हादसे में मंडुवाडीह क्षेत्र के कंचनपुर की कुमकुम सिंह ने अपने पति व इकलौते बेटे को गवां दिया। अब उनके जीने का सहारा सिर्फ इकलौती बेटी पल्लवी रह गई है, जो रूस में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। रूस में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही कुमकुम की बेटी पल्लवी अपने छोटे भाई और पिता की मौत के बाद मां को अकेला छोड़कर वापस नहीं लौटना चाहती है। वहीं, कुमकुम की मांग है कि उनकी बेटी की मेडिकल की पढ़ाई न छूटे और सरकार यहीं बंदोबस्त कर दे। चाहे तो इसकी एवज में सरकार उन्हें दी गई मुआवजे की रकम वापस ले ले। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर गुहार लगाई है।
पल्लवी ऐसी हालत में अपनी मां को छोड़कर जाना नहीं चाहती लेकिन कुमकुम का कहना है कि यह उसके पिता की इच्छा थी। इसके लिए सरकार से व्यवस्था सहानुभूति पूर्व विचार करने के लिए गुहार लगाई हूं। ‘अमर उजाला’ से कुमकुम ने कहा कि वे नहीं चाहती हैं कि उनकी देखभाल करने की वजह से उनकी बेटी एमबीबीएस की पढ़ाई छोड़े। उसके पापा का सपना था कि उनकी बेटी डॉक्टर बने। इसलिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को उन्होंने पत्र भेजकर मांग की है कि उनके बेटी की मेडिकल की पढ़ाई का इंतजाम करा दिया जाए। कहा कि विश्वास है कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री उनकी मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर उनकी बेटी की मेडिकल की पढ़ाई की व्यवस्था करेंगे।
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पल्लवी ऐसी हालत में अपनी मां को छोड़कर जाना नहीं चाहती लेकिन कुमकुम का कहना है कि यह उसके पिता की इच्छा थी। इसके लिए सरकार से व्यवस्था सहानुभूति पूर्व विचार करने के लिए गुहार लगाई हूं। ‘अमर उजाला’ से कुमकुम ने कहा कि वे नहीं चाहती हैं कि उनकी देखभाल करने की वजह से उनकी बेटी एमबीबीएस की पढ़ाई छोड़े। उसके पापा का सपना था कि उनकी बेटी डॉक्टर बने। इसलिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को उन्होंने पत्र भेजकर मांग की है कि उनके बेटी की मेडिकल की पढ़ाई का इंतजाम करा दिया जाए। कहा कि विश्वास है कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री उनकी मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर उनकी बेटी की मेडिकल की पढ़ाई की व्यवस्था करेंगे।
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