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भारी वाहनों से मंडुवाडीह आरओबी को खतरा
Updated Thu, 26 Apr 2018 02:24 AM IST
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वाराणसी। शहर में दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों से महमूरगंज, मंडुवाडीह क्षेत्र की सड़कें तो धंस ही रही हैं, मंडुवाडीह रेलवे ओवर ब्रिज को भी खतरा पैदा हो गया है। हल्के और मध्यम वाहनों के लिए बने इस आरओबी पर भारी वाहनों का संचालन रोकने के लिए रेलवे की ओर से जिला प्रशासन को पत्र भेजने की तैयारी की जा रही है। रेलवे के अभियंताओं की इस चिंता से सेतु निगम के अभियंताओं ने भी सहमति जताई है।
वसूली के चक्कर में नो इंट्री के दौरान भी तकरीबन पांच हजार भारी वाहनों को शहर में दाखिल करा दिया जाता है। ओवरलोड भारी वाहनों की आवाजाही से कम क्षमता वाली सड़कें टूट-धंस रही हैं। जगह-जगह गड्ढे बन जा रहे हैं। नवनिर्मित मंडुआडीह आरओबी से भी भारी वाहनों को धड़ल्ले से पास कराया जा रहा है। आरओबी निर्माण से जुड़े रेलवे के एक इंजीनियर ने बताया कि इस आरओबी का भार कम रखने के लिए उसकी डिजाइनिंग कुछ इस तरह की गई है, जिसमें न तो नट बोल्ट हैं और न ही उसमें कोई रिपीट लगाई गई है। यह पूरा वेल्डिंग करके बनाया गया है। ऐसे में बड़े वाहनों के चलने से पुल पर होने वाले कंपन से उसके जोड़ खुलने का खतरा है। वहीं सेतु निगम ने भी इस पुल से ओवरलोड वाहनों के गुजरने को खतरा बताया हे।
संत राज, प्रोजेक्ट मैननेजर, सेतु निगम ने बताया कि यह एक आईआरसी क्लास ए का पुल है, जिसे मध्यम श्रेणी का पुल माना गया है। ऐसी स्थिति में इस पर से बड़े और ओवरलोड वाहनों के गुजरने से सड़क के साथ ही पुल को भी खतरा है।
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वसूली के चक्कर में नो इंट्री के दौरान भी तकरीबन पांच हजार भारी वाहनों को शहर में दाखिल करा दिया जाता है। ओवरलोड भारी वाहनों की आवाजाही से कम क्षमता वाली सड़कें टूट-धंस रही हैं। जगह-जगह गड्ढे बन जा रहे हैं। नवनिर्मित मंडुआडीह आरओबी से भी भारी वाहनों को धड़ल्ले से पास कराया जा रहा है। आरओबी निर्माण से जुड़े रेलवे के एक इंजीनियर ने बताया कि इस आरओबी का भार कम रखने के लिए उसकी डिजाइनिंग कुछ इस तरह की गई है, जिसमें न तो नट बोल्ट हैं और न ही उसमें कोई रिपीट लगाई गई है। यह पूरा वेल्डिंग करके बनाया गया है। ऐसे में बड़े वाहनों के चलने से पुल पर होने वाले कंपन से उसके जोड़ खुलने का खतरा है। वहीं सेतु निगम ने भी इस पुल से ओवरलोड वाहनों के गुजरने को खतरा बताया हे।
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संत राज, प्रोजेक्ट मैननेजर, सेतु निगम ने बताया कि यह एक आईआरसी क्लास ए का पुल है, जिसे मध्यम श्रेणी का पुल माना गया है। ऐसी स्थिति में इस पर से बड़े और ओवरलोड वाहनों के गुजरने से सड़क के साथ ही पुल को भी खतरा है।
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