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सीजीएम की जांच में मिली गड़बडि़यां
Updated Mon, 29 Jan 2018 01:52 AM IST
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वाराणसी। सीएंडडीएस की ओर से कोनिया और अकथा में कराए गए पेयजल, नाली, खड़ंजा के निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांचने केलिए रविवार को शासन से गठित टीएसी जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी कोनिया और अकथा में धमकी। जांच में अधिकारियों ने पाया कि कार्यो में काफी गड़बडि़यां की गई है और मानकों की अनदेखी कर कार्य कराए गए है। इस दौरान सीएंडडीएस के अधिकारियों और काम कराने वाले ठेकेदारों में हड़कंप मचा रहा।
सीएंडडीएस के सीजीएम एके पुरवार ने दोनों जगहों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्यों की वीडीओग्राफी तथा पैमाइश भी कराई। सीएंडडीएस ने बेसिक सर्विस टू अरबन पुअर (बीएसएयू) योजना के तहत करीब 11 करोड़ की लागत से अकथा और कोनिया में नाली, खड़ंजा, इंटरलाकिंग, पेयजल, बिजली केपोल आदि का काम कराया था। जुलाई-अगस्त में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर शिकायत मिलने लगी थी। इस बीच अधिकारियों की मिलीभगत से 91 लाख रुपये फर्जी तरीके से भुगतान का मामले उजागर हो गया। चार साल बाद भी अब तक 15 फीसदी काम पूरा नहीं हो सका है। सीजीएम ने बताया कि काम में गुणवत्ता की अनदेखी की गई है। जिन जगहों पर बिजली विभाग के द्वारा विद्युत पोल लगाए गए हैं उन्हीं स्थानों पर दोबारा विद्युत पोल गाड़कर छोड़ दिए गए हैं। इलाके की गलियां अब भी क्षतिग्रस्त हैं। सीवर लाइन और पेयजल की दिक्कत भी पाई गई है। सीजीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी जाएगी। टीम में जीएम (टीएसी) अंबकेश्वर राय, निरंजन शामिल रहे।
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सीएंडडीएस के सीजीएम एके पुरवार ने दोनों जगहों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्यों की वीडीओग्राफी तथा पैमाइश भी कराई। सीएंडडीएस ने बेसिक सर्विस टू अरबन पुअर (बीएसएयू) योजना के तहत करीब 11 करोड़ की लागत से अकथा और कोनिया में नाली, खड़ंजा, इंटरलाकिंग, पेयजल, बिजली केपोल आदि का काम कराया था। जुलाई-अगस्त में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर शिकायत मिलने लगी थी। इस बीच अधिकारियों की मिलीभगत से 91 लाख रुपये फर्जी तरीके से भुगतान का मामले उजागर हो गया। चार साल बाद भी अब तक 15 फीसदी काम पूरा नहीं हो सका है। सीजीएम ने बताया कि काम में गुणवत्ता की अनदेखी की गई है। जिन जगहों पर बिजली विभाग के द्वारा विद्युत पोल लगाए गए हैं उन्हीं स्थानों पर दोबारा विद्युत पोल गाड़कर छोड़ दिए गए हैं। इलाके की गलियां अब भी क्षतिग्रस्त हैं। सीवर लाइन और पेयजल की दिक्कत भी पाई गई है। सीजीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी जाएगी। टीम में जीएम (टीएसी) अंबकेश्वर राय, निरंजन शामिल रहे।
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