{"_id":"5c520609bdec2205dc4016e6","slug":"171548879369-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"असि और वरुणा किनारे से हटाए जाएंगे अतिक्रमण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असि और वरुणा किनारे से हटाए जाएंगे अतिक्रमण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। अयोध्या के तमसा नदी की तर्ज पर गंगा की सहायक असि और वरुणा नदी को फिर जीवित किया जाएगा। इसके लिए किनारे हो चुके अतिक्रमण हटाए जाएंगे। कार्रवाई के लिए कई विभागों की टीम बनाई जाएगी। नदियों के ग्रीन बेल्ट में किसी प्रकार के निर्माण की अनुमति न देने का आदेश वीडीए और नगर निगम को दिया गया है।
सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह ने कहा कि पोखरों, तालाब और कुंडों का भी जीर्णोंद्धार किया जाएगा। बताया, तमसा नदी के पुनर्जीवन के लिए किया जा रहा प्रयोग काशी में भी किया जाएगा। पौराणिक महत्व की दोनों नदियों के किनारे सर्वे के लिए राजस्व और सिंचाई विभाग की टीम को लगाया जा रहा है। एक माह में रिपोर्ट आने के बाद अतिक्रमण तुड़वाने और वन विभाग की ओर से पीपल, बरगद, जामुन, नीम और अर्जुन के करीब साढ़े तीन लाख पौधे लगवाने की योजना है। नादियों के दोनों ओर होने वाले प्लांटेशन से 10 साल बाद पूरी काशी की आबोहवा बदल जाएगी।
यूपी एनजीटी के चेयरमैन के सख्त रुख के बाद वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) तत्काल एक्शन के मूड में आ गया लगता है। शाम तक वीडीए ने वरुणा नदी के किनारे अतिक्रमण करने वाले 762 भवनों की फिर से नोटिस देने की तैयारी की जा रही थी। अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही कागजी कार्रवाई पूरी कर अवैध मकानों को ध्वस्त किया जाएगा।
विज्ञापन
अमर उजाला ने 2016 में वरुणा कॉरिडोर की योजना बनाए जाते समय बताया था कि वरुणा नदी के पाट पर कब्जे कर अवैध निर्माण कर लिए गए हैं। वीडीए पहले इससे मुकरता रहा लेकिन बाद में सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग और वीडीए की संयुक्त कमेटी ने नाप-जोख की थी। इसमें कई बड़े-बड़े होटल और मकान वरुणा नदी के डूूब क्षेत्र में कब्जा कर बनाए हुए पाए गए थे। इन्हें ध्वस्त करने की कई बार योजना बनी लेकिन हर बार नेताओं, होटल मालिकों और वीडीए की मिलीभगत से कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह ने कहा कि पोखरों, तालाब और कुंडों का भी जीर्णोंद्धार किया जाएगा। बताया, तमसा नदी के पुनर्जीवन के लिए किया जा रहा प्रयोग काशी में भी किया जाएगा। पौराणिक महत्व की दोनों नदियों के किनारे सर्वे के लिए राजस्व और सिंचाई विभाग की टीम को लगाया जा रहा है। एक माह में रिपोर्ट आने के बाद अतिक्रमण तुड़वाने और वन विभाग की ओर से पीपल, बरगद, जामुन, नीम और अर्जुन के करीब साढ़े तीन लाख पौधे लगवाने की योजना है। नादियों के दोनों ओर होने वाले प्लांटेशन से 10 साल बाद पूरी काशी की आबोहवा बदल जाएगी।
विज्ञापन
यूपी एनजीटी के चेयरमैन के सख्त रुख के बाद वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) तत्काल एक्शन के मूड में आ गया लगता है। शाम तक वीडीए ने वरुणा नदी के किनारे अतिक्रमण करने वाले 762 भवनों की फिर से नोटिस देने की तैयारी की जा रही थी। अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही कागजी कार्रवाई पूरी कर अवैध मकानों को ध्वस्त किया जाएगा।
विज्ञापन
अमर उजाला ने 2016 में वरुणा कॉरिडोर की योजना बनाए जाते समय बताया था कि वरुणा नदी के पाट पर कब्जे कर अवैध निर्माण कर लिए गए हैं। वीडीए पहले इससे मुकरता रहा लेकिन बाद में सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग और वीडीए की संयुक्त कमेटी ने नाप-जोख की थी। इसमें कई बड़े-बड़े होटल और मकान वरुणा नदी के डूूब क्षेत्र में कब्जा कर बनाए हुए पाए गए थे। इन्हें ध्वस्त करने की कई बार योजना बनी लेकिन हर बार नेताओं, होटल मालिकों और वीडीए की मिलीभगत से कार्रवाई नहीं हुई।