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अपराधियों की कुंडली बताएगा पुलिस का ‘त्रिनेत्र’
Updated Thu, 31 May 2018 02:02 PM IST
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वाराणसी। अब अपराधी पकड़े जाएंगे तो उनकी शिनाख्त करने और उनके आपराधिक इतिहास के बारे में जानने के लिए पुलिस को मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। थानाध्यक्ष के मोबाइल में मौजूद ‘त्रिनेत्र’ एप्प में अपराधी की फोटो डालते ही उससे जुड़ा पूरा ब्योरा सामने आ जाएगा। इसके लिए इन दिनों जिले की दस साल पुरानी आपराधिक वारदातों से जुड़े अपराधियों का ब्योरा जुटाकर इस एप में फीड कर रही है। बुधवार शाम तक जिले के एक हजार अपराधियों का नाम, पता, फोटो, परिजनों, करीबियों, शरणदाताओं, संभावित ठिकानों, आपराधिक इतिहास और आधार कार्ड का ब्योरा फीड किया जा चुका था। 15 जून तक डाटा फीडिंग का काम पूरा कर लिया जाना है।
डीजीपी ओम प्रकाश सिंह प्रदेश के अपराधियों का डिजिटल ऑनलाइन डोजियर तैयार करा रहे हैं ताकि आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके। इसके लिए त्रिनेत्र मोबाइल एप्लीकेशन बनाया गया है। इस कवायद के तहत बीते दस साल में सभी जिलों में लूट, छिनैती, डकैती, रंगदारी, फिरौती, चोरी, आर्म्स एक्ट सहित अन्य गंभीर किस्म के अपराधों में संलिप्त अपराधियों, सक्रिय अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों का डिजिटल डोजियर तैयार किया जा रहा है। इस संबंध में एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि डाटा फीडिंग का काम पूरा होने के बाद प्रदेश भर के अपराधियों की कुंडली पुलिस के मोबाइल में होगी। त्रिनेत्र से अपराधियों की शिनाख्त करना और उनके आपराधिक इतिहास का पता लगाना बेहद आसान हो जाएगा।
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डीजीपी ओम प्रकाश सिंह प्रदेश के अपराधियों का डिजिटल ऑनलाइन डोजियर तैयार करा रहे हैं ताकि आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके। इसके लिए त्रिनेत्र मोबाइल एप्लीकेशन बनाया गया है। इस कवायद के तहत बीते दस साल में सभी जिलों में लूट, छिनैती, डकैती, रंगदारी, फिरौती, चोरी, आर्म्स एक्ट सहित अन्य गंभीर किस्म के अपराधों में संलिप्त अपराधियों, सक्रिय अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों का डिजिटल डोजियर तैयार किया जा रहा है। इस संबंध में एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि डाटा फीडिंग का काम पूरा होने के बाद प्रदेश भर के अपराधियों की कुंडली पुलिस के मोबाइल में होगी। त्रिनेत्र से अपराधियों की शिनाख्त करना और उनके आपराधिक इतिहास का पता लगाना बेहद आसान हो जाएगा।
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