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होली को बदरंग न बना दें रसायनिक रंग
Updated Mon, 26 Feb 2018 01:12 AM IST
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ज्ञानपुर। शहर से लेकर देहात तक होलियाना माहौल छाने लगा है। रंगों की दुकानें सजने लगी हैं। ऐसा हो भी क्यों न, होली खुशियों भरे रंगों का त्योहार जो है। लेकिन ध्यान रहे, होली में खूब मस्ती करें पर केमिकल रंगों से होलिकोत्सव के उल्लास को बदरंग कतई न होने दें। हानिकारक रसायनों से युक्त गहरे रंग बीमारियों का कारण बनते हैं। आंखों की रोशनी, त्वचा आदि पर घातक प्रभाव पड़ता है।
हिंदू धर्म में होली और दीपावली पर्व का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। इसे हर वर्ग के लोग धूमधाम से मनाते हैं। नए-नए कपड़े पहनने, तरह-तरह के पकवान का स्वाद लेने की खुशी तो होती ही है। साल भर में पड़ने वाले इस पर्व को मनाने के लिए सभी तमाम तैयारी करते हैं। जरूरत से अधिक मांग होने पर दुकानदार रासायनिक रंग, अबीर, गुलाल को बाजार में उतार देते हैं। तरह-तरह के रासायन से मिलकर बने रंग लोगों के चेहरे को बदरंग कर देते हैं। होली से पहले ही बाजारों में रासायनिक रंगो का बाजार पूरी तरह सज चुका है। ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही जैसे प्रमुख बाजारों में इसकी खपत अधिक होती है। ग्रामीण अंचलो में कम जानकर लोग रंगो में फर्क नहीं समझ पाते जिससे वह रासायनिक रंग-गुलाल का ही प्रयोग करते हैं। जिससे त्वचा पर जलन होती है। चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में खुजली होने लगती है। रंग लगने और धोने के बाद चकत्ते पड़ जाते हैं। चेहरे पर दाने भी निकल आते हैं।
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हिंदू धर्म में होली और दीपावली पर्व का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। इसे हर वर्ग के लोग धूमधाम से मनाते हैं। नए-नए कपड़े पहनने, तरह-तरह के पकवान का स्वाद लेने की खुशी तो होती ही है। साल भर में पड़ने वाले इस पर्व को मनाने के लिए सभी तमाम तैयारी करते हैं। जरूरत से अधिक मांग होने पर दुकानदार रासायनिक रंग, अबीर, गुलाल को बाजार में उतार देते हैं। तरह-तरह के रासायन से मिलकर बने रंग लोगों के चेहरे को बदरंग कर देते हैं। होली से पहले ही बाजारों में रासायनिक रंगो का बाजार पूरी तरह सज चुका है। ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही जैसे प्रमुख बाजारों में इसकी खपत अधिक होती है। ग्रामीण अंचलो में कम जानकर लोग रंगो में फर्क नहीं समझ पाते जिससे वह रासायनिक रंग-गुलाल का ही प्रयोग करते हैं। जिससे त्वचा पर जलन होती है। चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में खुजली होने लगती है। रंग लगने और धोने के बाद चकत्ते पड़ जाते हैं। चेहरे पर दाने भी निकल आते हैं।
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