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नगर निगम के ठेकेदार ने फांसी लगाकर जान दी
Updated Fri, 09 Feb 2018 02:32 AM IST
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वाराणसी। लंका थाना अंतर्गत सुंदरपुर स्थित सांई अपार्टमेंट के छठी मंजिल पर रहने वाले नगर निगम के ठेकेदार अशोक सिंह (55) ने गुरुवार को फांसी लगाकर जान दे दी। उन्होंने रस्सी के सहारे पंखे के हुक से फांसी लगाई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उनकी जेब से एक सुसाइड नोट बरामद किया। सुसाइड नोट में उन्होंने अपने भाई को कहा था कि मुखाग्नि वह ही उन्हें दे। घटना के पीछे पारिवारिक कलह की बात सामने आई है।
जौनपुर जिले के जलालपुर नवेदा के रहने वाले अशोक सिंह पिछले कुछ सालों से पत्नी, बच्चों के साथ यहां सांई अपार्टमेंट में रहते थे। पत्नी रेनू सिंह सपा की नेत्री हैं। इनके एक बेटी अनु और बेटा अभिषेक उर्फ गोलू है। बेटी लखनऊ में एक निजी कंपनी में जॉब करती है जबकि बेटा देहरादून में रह कर फिजियोथेरेपी की पढ़ाई कर रहा है। तीन दिन पहले अशोक की पत्नी रेनू अपनी बेटी के यहां लखनऊ चली गई थीं। यहां घर पर अशोक अकेले थे। गुरुवार की सुबह पत्नी रेनू ने अशोक के मोबाइल पर कई बार फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा। परेशान रेनू ने अपने ममेरे भाई को घर भेजा। ममेरे भाई ने घर पहुंचकर दरवाजा पीटने पर जब कोई जवाब नहीं मिला तो पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंचे एसओ लंका संजीव कुमार मिश्रा ने दरवाजा तोड़कर शव फंदे नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। लंका एसओ के मुताबिक शुरुआती छानबीन में पारिवारिक कलह की बात सामने आई है। अशोक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने अपने छोटे भाई संजय सिंह को लिखा था कि उनके खाते में पांच हजार रुपये हैं, जिसे वह एटीएम से निकाल ले और उन्हें मुखाग्नि भी वह ही दे।
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जौनपुर जिले के जलालपुर नवेदा के रहने वाले अशोक सिंह पिछले कुछ सालों से पत्नी, बच्चों के साथ यहां सांई अपार्टमेंट में रहते थे। पत्नी रेनू सिंह सपा की नेत्री हैं। इनके एक बेटी अनु और बेटा अभिषेक उर्फ गोलू है। बेटी लखनऊ में एक निजी कंपनी में जॉब करती है जबकि बेटा देहरादून में रह कर फिजियोथेरेपी की पढ़ाई कर रहा है। तीन दिन पहले अशोक की पत्नी रेनू अपनी बेटी के यहां लखनऊ चली गई थीं। यहां घर पर अशोक अकेले थे। गुरुवार की सुबह पत्नी रेनू ने अशोक के मोबाइल पर कई बार फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा। परेशान रेनू ने अपने ममेरे भाई को घर भेजा। ममेरे भाई ने घर पहुंचकर दरवाजा पीटने पर जब कोई जवाब नहीं मिला तो पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंचे एसओ लंका संजीव कुमार मिश्रा ने दरवाजा तोड़कर शव फंदे नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। लंका एसओ के मुताबिक शुरुआती छानबीन में पारिवारिक कलह की बात सामने आई है। अशोक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने अपने छोटे भाई संजय सिंह को लिखा था कि उनके खाते में पांच हजार रुपये हैं, जिसे वह एटीएम से निकाल ले और उन्हें मुखाग्नि भी वह ही दे।
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