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गरीबों-किसानों से वादे कर भूल गई सरकार : सुभाषिनी
Updated Mon, 29 Jan 2018 01:48 AM IST
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वाराणसी। पूर्वांचल अपनी खोई जमीन वापस पाने और लोकसभा चुनाव से पहले वाराणसी समेत आसपास के जिलों में संगठन को फिर पुरानी धार देने की तैयारी में जुटे सीपीआई (एम) के 22वें राज्य सम्मेलन का आगाज रविवार को बेनियाबाग मैदान से हुआ। हंसिया-हथौड़ा निशान वाले लाल झंडे से पटे मैदान में रैली को संबोधित करते हुए राज्यसभा की पूर्व सांसद एवं सीपीआई (एम) की पोलित ब्यूरो की सदस्य सुभाषिनी अली ने केंद्र और प्रदेश सरकार को किसान, मजदूर विरोधी बताया। कहा कि गरीबों-किसानों से वादे तो सरकार ने किए लेकिन उसे पूरा करना भूल गई। कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकें।
कहा कि झूठे वादों से जनता को छला जा रहा है। आज जनता बेहाल होती जा रही है। लूट, हत्या आदि आपराधिक वारदातें बढ़ रही हैं। उन्होंने बीएचयू में छात्राओं पर लाठीचार्ज की घटना का जिक्र करते हुए महिलाओं की सुरक्षा का सवाल उठाया। कहा कि जब बीएचयू की छात्राओं पर लाठियां बरसाई गईं, तब पीएम और सीएम शहर में थे लेकिन उन्होंने ज्यादती पर चुप्पी साधे रखी। गंगा की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए लेकिन गंगा अब तक साफ नहीं हुई। गरीबों का राशन कार्ड छीना जा रहा है। किसानों को वाजिब मूल्य नहीं मिल रहा है। जनता को सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुट होने की अपील भी की। प्रदेश सचिव डॉ. हीरालाल, केंद्रीय कमेटी के सदस्य जेएस मजूमदार ने मजदूरों, किसानों की बदहाली का मुद्दे पर सरकार को घेरा। अध्यक्षता पूर्व विधायक दीनानाथ सिंह ने की। इस मौके पर प्रेमनाथ राय, नंदलाल समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे। सोमवार और मंगलवार को तेलियाबाग स्थित पटेल धर्मशाला में आगामी तीन साल की पार्टी की रणनीति पर मंथन होगा।
अरसे बाद लाल झंडे से पटा बेनियाबाग
पूर्वांचल में वजूद के लिए जूझ रहे वामदलों के लिए बेनियाबाग के मैदान में उमड़ी भीड़ संजीवनी बन पाएगी या नहीं, यह तो भविष्य बताएगा लेकिन अरसे बाद लाल सलाम के नारों के बीच लाल झंडों से पटे बेनियाबाग मैदान ने सियासी गलियारों में बनते-बिगड़ते समीकरणों और संभावनाओं पर नई बहस छेड़ दी है। कार्यकर्ताओं की भीड़ से पार्टी के वरिष्ठ नेता गदगद दिखे तो वहीं, राजनीति के जानकारों ने भी इसे पूर्वांचल की सियासत में नए बदलाव का संकेत बताया। तीन दशक पहले तक वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई जिलों में कम्युनिस्ट संगठन का आधार काफी मजबूत हुआ करता था लेकिन उसके बाद से पार्टी की जमीन खिसकती चली गई। लाल सलाम के नारों के साथ सिर पे लाल टोपी और हाथों में झंडा लिए सभा स्थल पर पहुंचे कार्यकर्ता भी बेहद उत्साहित नजर आए।
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कहा कि झूठे वादों से जनता को छला जा रहा है। आज जनता बेहाल होती जा रही है। लूट, हत्या आदि आपराधिक वारदातें बढ़ रही हैं। उन्होंने बीएचयू में छात्राओं पर लाठीचार्ज की घटना का जिक्र करते हुए महिलाओं की सुरक्षा का सवाल उठाया। कहा कि जब बीएचयू की छात्राओं पर लाठियां बरसाई गईं, तब पीएम और सीएम शहर में थे लेकिन उन्होंने ज्यादती पर चुप्पी साधे रखी। गंगा की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए लेकिन गंगा अब तक साफ नहीं हुई। गरीबों का राशन कार्ड छीना जा रहा है। किसानों को वाजिब मूल्य नहीं मिल रहा है। जनता को सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुट होने की अपील भी की। प्रदेश सचिव डॉ. हीरालाल, केंद्रीय कमेटी के सदस्य जेएस मजूमदार ने मजदूरों, किसानों की बदहाली का मुद्दे पर सरकार को घेरा। अध्यक्षता पूर्व विधायक दीनानाथ सिंह ने की। इस मौके पर प्रेमनाथ राय, नंदलाल समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे। सोमवार और मंगलवार को तेलियाबाग स्थित पटेल धर्मशाला में आगामी तीन साल की पार्टी की रणनीति पर मंथन होगा।
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अरसे बाद लाल झंडे से पटा बेनियाबाग
पूर्वांचल में वजूद के लिए जूझ रहे वामदलों के लिए बेनियाबाग के मैदान में उमड़ी भीड़ संजीवनी बन पाएगी या नहीं, यह तो भविष्य बताएगा लेकिन अरसे बाद लाल सलाम के नारों के बीच लाल झंडों से पटे बेनियाबाग मैदान ने सियासी गलियारों में बनते-बिगड़ते समीकरणों और संभावनाओं पर नई बहस छेड़ दी है। कार्यकर्ताओं की भीड़ से पार्टी के वरिष्ठ नेता गदगद दिखे तो वहीं, राजनीति के जानकारों ने भी इसे पूर्वांचल की सियासत में नए बदलाव का संकेत बताया। तीन दशक पहले तक वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई जिलों में कम्युनिस्ट संगठन का आधार काफी मजबूत हुआ करता था लेकिन उसके बाद से पार्टी की जमीन खिसकती चली गई। लाल सलाम के नारों के साथ सिर पे लाल टोपी और हाथों में झंडा लिए सभा स्थल पर पहुंचे कार्यकर्ता भी बेहद उत्साहित नजर आए।
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