{"_id":"5c86c226bdec222dcd5a79f1","slug":"161552335398-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"होलाष्टक कल से, आठ दिनों तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होलाष्टक कल से, आठ दिनों तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। इस वर्ष होलाष्टक 13 मार्च बुधवार से प्रारंभ होगा और 20 मार्च को होलिका दहन के साथ ही समाप्त हो जाएगा। इन आठ दिनों तक सभी शुभ कार्य वर्जित हैं। होलिका दहन से आठ दिन पूर्व होलाष्टक लगता है। इसमें विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। आठ दिनों तक के इस समय को ही होलाष्टक कहा जाता है।
ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि भारतीय मुहूर्त विज्ञान व ज्योतिष शास्त्र प्रत्येक कार्य को शुभ मुहूर्तों में करने की अनुमति देता है। कोई भी कार्य यदि शुभ मुहूर्त में किया जाता है तो वह उत्तम फल प्रदान करने वाला होता है। इस लिए प्रत्येक कार्य की दृष्टि से उसके शुभ समय का निर्धारण किया गया है। उन्होंने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस समय विशेष रूप से विवाह, नए निर्माण व नए कार्यों को आरंभ नहीं करना चाहिए। इन दिनों में किए गए कार्यों से कष्ट, तमाम तरह की परेशानियों के आने की आशंका रहती है। विवाह आदि संबंध विच्छेद और कलह के शिकार हो जाते हैं या फिर अकाल मृत्यु का खतरा या बीमारी होने की आशंका रहती है।
विज्ञापन
ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि भारतीय मुहूर्त विज्ञान व ज्योतिष शास्त्र प्रत्येक कार्य को शुभ मुहूर्तों में करने की अनुमति देता है। कोई भी कार्य यदि शुभ मुहूर्त में किया जाता है तो वह उत्तम फल प्रदान करने वाला होता है। इस लिए प्रत्येक कार्य की दृष्टि से उसके शुभ समय का निर्धारण किया गया है। उन्होंने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस समय विशेष रूप से विवाह, नए निर्माण व नए कार्यों को आरंभ नहीं करना चाहिए। इन दिनों में किए गए कार्यों से कष्ट, तमाम तरह की परेशानियों के आने की आशंका रहती है। विवाह आदि संबंध विच्छेद और कलह के शिकार हो जाते हैं या फिर अकाल मृत्यु का खतरा या बीमारी होने की आशंका रहती है।
विज्ञापन