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विभागों में भेजी गईं स्टोर रूम की दवाइयां, इंजेक्शन
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वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल के स्टोर रूम में पड़ी दवाइयां, इंजेक्शन विभागों में भिजवाए जाने लगे हैं। यह काफी समय से स्टोर रूम में ही पड़ी थीं, लेकिन इनका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा था। व्यवस्था का संचालन सही ढंग से हो, इसके लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से बाल रोग विभाग के प्रो. अशोक चौधरी को इंचार्ज बनाया गया है।
अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से हर साल दो लाख रुपये प्रति बेड के हिसाब से भुगतान किया जाता है। इमरजेंसी सहित अन्य वार्डों में कुछ ऐसी दवा, इंजेक्शन हैं, जिन्हें नि:शुल्क दिए जाने की व्यवस्था है। बावजूद इसके मरीजों को ये दवाएं लिखी तो जाती हैं, लेकिन मिल नहीं पाती है और वह बाहर से दवाएं खरीदकर लाते हैं। ऐसा तब हो रहा है जब स्टोर रूम में सांस, दर्द और बेहोशी के इंजेक्शन, सर्जरी के मरीजों को दिए जाने वाले इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में पड़े हैं। मामले का खुलासा होने के बाद अब इसे अलग-अलग विभागों में भिजवाया जा रहा है, जिससे मरीजों को इसका लाभ मिल सके। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्र ने बताया कि बाल रोग विभाग के प्रो. अशोक चौधरी की देखरेख में इनका वितरण कराया जा रहा है। कुछ ऐसे सामान भी हैं जो जल्द नहीं बंटवाए जाने पर एक्सपायर हो जाएंगे।
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अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से हर साल दो लाख रुपये प्रति बेड के हिसाब से भुगतान किया जाता है। इमरजेंसी सहित अन्य वार्डों में कुछ ऐसी दवा, इंजेक्शन हैं, जिन्हें नि:शुल्क दिए जाने की व्यवस्था है। बावजूद इसके मरीजों को ये दवाएं लिखी तो जाती हैं, लेकिन मिल नहीं पाती है और वह बाहर से दवाएं खरीदकर लाते हैं। ऐसा तब हो रहा है जब स्टोर रूम में सांस, दर्द और बेहोशी के इंजेक्शन, सर्जरी के मरीजों को दिए जाने वाले इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में पड़े हैं। मामले का खुलासा होने के बाद अब इसे अलग-अलग विभागों में भिजवाया जा रहा है, जिससे मरीजों को इसका लाभ मिल सके। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्र ने बताया कि बाल रोग विभाग के प्रो. अशोक चौधरी की देखरेख में इनका वितरण कराया जा रहा है। कुछ ऐसे सामान भी हैं जो जल्द नहीं बंटवाए जाने पर एक्सपायर हो जाएंगे।
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