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एएसआई की आपति के बाद भी धड़ल्ले से निर्माण
Updated Wed, 05 Jul 2017 01:59 AM IST
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सारनाथ। चौखंडी स्तूप के समीप नगर निगम की ओर से बिना किसी अनुमति के शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। जबकि, यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित क्षेत्र है और यहां कोई भी निर्माण बिना एएसआई की अनुमति के नहीं कराया जा सकता। एएसआई ने इस बारे में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। डीएम, एसएसपी, वीडीए, नगर निगम और स्थानीय थाने को पत्र भेजकर तत्काल निर्माण रोकने की गुजारिश की है।
सारनाथ स्थित चौखंडी स्तूप के समीप दक्षिण पूर्व दिशा में मेन रोड के निकट इस शौचालय का निर्माण कुछ दिन पहले शुरू कराया गया। एएसआई की अनुमति के बिना धरोहर क्षेत्र में निर्माण होने से स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि स्तूप से महज 10 मीटर की दूरी पर कोई निर्माण कैसे कराया जा सकता है। स्थानीय लोगों को अपने घर पर चूना, पेंट कराने तक के लिए एएसआई से अनुमति लेनी होती है तो शौचालय बनाने की अनुमति किस आधार पर दे दी गई। इस बारे में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग सारनाथ मंडल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक पीके त्रिपाठी का कहना है कि इसकी लिखित शिकायत दो जुलाई को ही डीएम, एसएसपी, वीडीए, नगर निगम और स्थानीय पुलिस से की गई थी लेकिन अब तक प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। उधर, नगर निगम के अधिशाषी अभियंता मुकेश जैन ने बताया कि इस मामले की जांच कराकर उचित कदम उठाया जाएगा।
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सारनाथ स्थित चौखंडी स्तूप के समीप दक्षिण पूर्व दिशा में मेन रोड के निकट इस शौचालय का निर्माण कुछ दिन पहले शुरू कराया गया। एएसआई की अनुमति के बिना धरोहर क्षेत्र में निर्माण होने से स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि स्तूप से महज 10 मीटर की दूरी पर कोई निर्माण कैसे कराया जा सकता है। स्थानीय लोगों को अपने घर पर चूना, पेंट कराने तक के लिए एएसआई से अनुमति लेनी होती है तो शौचालय बनाने की अनुमति किस आधार पर दे दी गई। इस बारे में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग सारनाथ मंडल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक पीके त्रिपाठी का कहना है कि इसकी लिखित शिकायत दो जुलाई को ही डीएम, एसएसपी, वीडीए, नगर निगम और स्थानीय पुलिस से की गई थी लेकिन अब तक प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। उधर, नगर निगम के अधिशाषी अभियंता मुकेश जैन ने बताया कि इस मामले की जांच कराकर उचित कदम उठाया जाएगा।
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