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हिंडाल्को इंडस्ट्रीज से 54 करोड़ की वसूली पर रोक
Updated Wed, 14 Jun 2017 11:55 PM IST
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हिंडाल्को इंडस्ट्रीज से 54 करोड़ की वसूली पर रोक
इलाहाबाद/सोनभद्र। हाईकोर्ट ने सोनभद्र स्थित हिंडाल्को इंडस्ट्रीज से 54 करोड़ 44 लाख चार हजार रुपये की वसूली की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में जिला पंचायत सोनभद्र को नोटिस जारी कर जवाब तलब भी किया है। यह भी आदेश दिया है कि कंपनी का यूको बैंक का खाता जब्त न किया जाए। जिला पंचायत सोनभद्र ने 54 करोड़ से अधिक ट्रांसर्पोटेशन शुल्क के बकाए पर हिडाल्को को नोटिस जारी किया है तथा वसूली की कार्रवाई प्रारंभ की है। इस क्रम में कंपनी का खाता भी जब्त किया जाना है। इस कार्रवाई को कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनौती दी है। न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति केपी सिंह की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए वसूली कार्रवाई पर रोक लगा दी है तथा जिला पंचायत और राज्य सरकार से इस मामले में जवाब तलब किया है।
हाईकोर्ट के आदेश के पूर्व जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने हिण्डाल्को इंडस्ट्रीज लि. को पत्र लिखा था कि यूपी क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम 1961 के अनुसार निर्मित उपविधि के तहत जिले में हो रहे खनन परिवहन पर शुल्क देना अनिवार्य है। 10 अप्रैल 2003 से 30 अप्रैल 2016 तक हिण्डाल्को को 54 करोड़ 44 लाख 40 हजार रुपये शुल्क जिला पंचायत को देना था। लेकिन कई बार नोटिस देने के बावजूद हिण्डाल्को ने यह भुगतान नहीं किया। इस पर जिला पंचायत ने हिण्डाल्को पर 18 प्रतिशत ब्याज प्रतिवर्ष की दर से देने का भी दायित्व तय कर दिया है। जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि हिण्डाल्को को कई बार शुल्क जमा करने के लिए नोटिस दिया गया लेकिन उनकी ओर से इसमें कोई रूचि नहीं ली गई। इस पर जिला पंचायत से हिण्डाल्को को वसूली के लिए नोटिस भेजा गया है। उधर एसडीएम दुद्धी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि हिण्डाल्को को राजस्व वसूली के लिए आरसी जारी की गई है। हाईकोर्ट के आदेश से पहले जिलाधिकारी के आदेश पर मंगलवार को कंपनी का यूको बैंक का खाता भी सीज कर दिया गया था।
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इलाहाबाद/सोनभद्र। हाईकोर्ट ने सोनभद्र स्थित हिंडाल्को इंडस्ट्रीज से 54 करोड़ 44 लाख चार हजार रुपये की वसूली की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में जिला पंचायत सोनभद्र को नोटिस जारी कर जवाब तलब भी किया है। यह भी आदेश दिया है कि कंपनी का यूको बैंक का खाता जब्त न किया जाए। जिला पंचायत सोनभद्र ने 54 करोड़ से अधिक ट्रांसर्पोटेशन शुल्क के बकाए पर हिडाल्को को नोटिस जारी किया है तथा वसूली की कार्रवाई प्रारंभ की है। इस क्रम में कंपनी का खाता भी जब्त किया जाना है। इस कार्रवाई को कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनौती दी है। न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति केपी सिंह की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए वसूली कार्रवाई पर रोक लगा दी है तथा जिला पंचायत और राज्य सरकार से इस मामले में जवाब तलब किया है।
हाईकोर्ट के आदेश के पूर्व जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने हिण्डाल्को इंडस्ट्रीज लि. को पत्र लिखा था कि यूपी क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम 1961 के अनुसार निर्मित उपविधि के तहत जिले में हो रहे खनन परिवहन पर शुल्क देना अनिवार्य है। 10 अप्रैल 2003 से 30 अप्रैल 2016 तक हिण्डाल्को को 54 करोड़ 44 लाख 40 हजार रुपये शुल्क जिला पंचायत को देना था। लेकिन कई बार नोटिस देने के बावजूद हिण्डाल्को ने यह भुगतान नहीं किया। इस पर जिला पंचायत ने हिण्डाल्को पर 18 प्रतिशत ब्याज प्रतिवर्ष की दर से देने का भी दायित्व तय कर दिया है। जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि हिण्डाल्को को कई बार शुल्क जमा करने के लिए नोटिस दिया गया लेकिन उनकी ओर से इसमें कोई रूचि नहीं ली गई। इस पर जिला पंचायत से हिण्डाल्को को वसूली के लिए नोटिस भेजा गया है। उधर एसडीएम दुद्धी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि हिण्डाल्को को राजस्व वसूली के लिए आरसी जारी की गई है। हाईकोर्ट के आदेश से पहले जिलाधिकारी के आदेश पर मंगलवार को कंपनी का यूको बैंक का खाता भी सीज कर दिया गया था।
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