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परीक्षाओें के 20 प्रश्न पत्र ज्यादा छापता था कौशिक
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वाराणसी। कोलकाता निवासी प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कुमार जब भी किसी प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न पत्रों की छपाई कराता था तो 20 प्रश्न पत्र ज्यादा छापता था। इन प्रश्न पत्रों को वह अपनी निगरानी में रखता था और उन्हें प्रेस में आकर कोई ले जाता था। यह जानकारी एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में हुई धांधली की जांच के लिए कोलकाता गई एसआईटी के सदस्यों को गुरुवार को कौशिक के प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों ने दी।
कर्मचारियों ने बताया कि प्रश्न पत्र ले जाने वाले लोग कौन थे, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। इस दौरान एसआईटी के सदस्यों ने कौशिक के बैंक अकाउंट और कुछ अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। एसआईटी को मिली जानकारी के अनुसार, जुलाई 2018 में आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लेकर कौशिक ने अपने कर्मचारी अशोक देव चौधरी और दो अन्य लोगों को बनारस भेजा था। तीनों कैंट स्थित एक होटल में रुके थे। इसके बाद चोलापुर स्थित एक स्थान पर 50 अभ्यर्थियों को एकत्र कर पेपर दिए गए थे और इसके बाद पेपर जला दिए गए थे। एसआईटी के सदस्य अब कौशिक के बैंक अकाउंट का विवरण खंगाल रहे हैं और उसके कर्मचारियों के अलावा करीबियों को चिह्नित कर पूछताछ कर रहे हैं। माना जा रहा है कि एसआईटी के सदस्यों को कोलकाता में मिली जानकारी प्रकरण की तफ्तीश के लिहाज से अहम साबित होगी और जल्द ही कुछ अन्य लोग भी बेनकाब होंगे।
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कर्मचारियों ने बताया कि प्रश्न पत्र ले जाने वाले लोग कौन थे, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। इस दौरान एसआईटी के सदस्यों ने कौशिक के बैंक अकाउंट और कुछ अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। एसआईटी को मिली जानकारी के अनुसार, जुलाई 2018 में आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लेकर कौशिक ने अपने कर्मचारी अशोक देव चौधरी और दो अन्य लोगों को बनारस भेजा था। तीनों कैंट स्थित एक होटल में रुके थे। इसके बाद चोलापुर स्थित एक स्थान पर 50 अभ्यर्थियों को एकत्र कर पेपर दिए गए थे और इसके बाद पेपर जला दिए गए थे। एसआईटी के सदस्य अब कौशिक के बैंक अकाउंट का विवरण खंगाल रहे हैं और उसके कर्मचारियों के अलावा करीबियों को चिह्नित कर पूछताछ कर रहे हैं। माना जा रहा है कि एसआईटी के सदस्यों को कोलकाता में मिली जानकारी प्रकरण की तफ्तीश के लिहाज से अहम साबित होगी और जल्द ही कुछ अन्य लोग भी बेनकाब होंगे।
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