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गंगा में कूदे सीआरपीएफ के जवान की इलाज के दौरान
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वाराणसी। राजघाट स्थित मालवीय पुल से गंगा में छलांग लगाने वाले 148 बटालियन सीआरपीएफ के जवान अविनाश सिंह (38) की उपचार के दौरान बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में रविवार को मौत हो गई। अविनाश की मौत की पुष्टि होने पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों की मांग थी कि अविनाश को प्रताड़ित करने वाले उसकी बटालियन के हवलदार मेजर के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सूचना पाकर सीओ भेलूपुर अनिल कुमार मौके पर पहुंचे और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराए।
चौबेपुर थाना अंतर्गत अंबा गांव निवासी शमशेर के दो बेटों में छोटा अविनाश चंदौली के साहूपुरी स्थित 148 बटालियन सीआरपीएफ में कांस्टेबल के पद पर तैनात था। बीते रविवार को अविनाश घर गया था और सोमवार को ड्यूटी करने के बाद शाम के समय उसने मालवीय पुल से गंगा में छलांग लगा दी थी। पिता शमशेर का आरोप है कि अविनाश को उसकी बटालियन का हवलदार मेजर आए दिन प्रताड़ित करता था। गंगा में छलांग लगाने से पहले अविनाश ने अपनी पत्नी आरती को कॉल कर हवलदार मेजर द्वारा प्रताड़ित किए जाने के बारे में बताया था। परिजनों ने कहा कि अविनाश की बटालियन का कोई अधिकारी ट्रॉमा सेंटर नहीं आया। आश्वासन दिया गया था कि अविनाश के उपचार का खर्च सीआरपीएफ उठाएगी लेकिन ऐसा नहीं किया गया। वहीं, अविनाश की मौत की मौत के बाद उसकी पत्नी आरती और 10 वर्षीय बेटे अमन का रो-रोकर बुरा हाल था। उधर, इस संबंध में 148 बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट राजीव कुमार चौधरी ने बताया कि प्रताड़ना का आरोप पूरी तरह से निराधार है। अब तक किसी भी जवान ने शिकायत नहीं की है। इसके बावजूद समिति का गठन कर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
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चौबेपुर थाना अंतर्गत अंबा गांव निवासी शमशेर के दो बेटों में छोटा अविनाश चंदौली के साहूपुरी स्थित 148 बटालियन सीआरपीएफ में कांस्टेबल के पद पर तैनात था। बीते रविवार को अविनाश घर गया था और सोमवार को ड्यूटी करने के बाद शाम के समय उसने मालवीय पुल से गंगा में छलांग लगा दी थी। पिता शमशेर का आरोप है कि अविनाश को उसकी बटालियन का हवलदार मेजर आए दिन प्रताड़ित करता था। गंगा में छलांग लगाने से पहले अविनाश ने अपनी पत्नी आरती को कॉल कर हवलदार मेजर द्वारा प्रताड़ित किए जाने के बारे में बताया था। परिजनों ने कहा कि अविनाश की बटालियन का कोई अधिकारी ट्रॉमा सेंटर नहीं आया। आश्वासन दिया गया था कि अविनाश के उपचार का खर्च सीआरपीएफ उठाएगी लेकिन ऐसा नहीं किया गया। वहीं, अविनाश की मौत की मौत के बाद उसकी पत्नी आरती और 10 वर्षीय बेटे अमन का रो-रोकर बुरा हाल था। उधर, इस संबंध में 148 बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट राजीव कुमार चौधरी ने बताया कि प्रताड़ना का आरोप पूरी तरह से निराधार है। अब तक किसी भी जवान ने शिकायत नहीं की है। इसके बावजूद समिति का गठन कर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
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