{"_id":"5b281dc74f1c1bf36e8b8a5a","slug":"151529355719-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपरेशन में चढ़ाई गई गलत बॉटल से हुई घटना, 160 बॉटल सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपरेशन में चढ़ाई गई गलत बॉटल से हुई घटना, 160 बॉटल सील
Updated Tue, 19 Jun 2018 02:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। मारवाड़ी अस्पताल में जिन मरीजों के आंखों की रोशनी गई, उसकी वजह आपरेशन के दौरान चढ़ाया गया गलत बॉटल है। लैब में भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही यह खुलासा हुआ है। इधर अस्पताल प्रशासन ने इस बैच के सभी 160 बॉटल को सील कर दिया है नई आपूर्ति के बाद ही ऑपरेशन किया जाएगा।
मारवाड़ी अस्पताल में 12 जून को छह मरीजों के आंख का आपरेशन होने के अगले दिन उन्हें दिखाई नहीं दिया। इसके बाद मरीज अस्पतालों का चक्कर लगाते रहे। 15 जून को मारवाड़ी अस्पताल में ही हंगामा करने लगे और इसकी सूचना पुलिस को भी दी। इसके बाद सभी को महमूरगंज स्थित आरके नेत्रालय लाया गया, यहां अगले दिन सभी का आपरेशन हुआ। इसके बाद 17 जून को जब आंख की पट्टी खोली गई तो सभी को दिखाई देने लगा। इस बीच आरके नेत्रालय से जो सैंपल भेजा गया था, सोमवार को उसकी जांच रिपोर्ट आई है, उसमें आपरेशन के दौरान चढ़ाए गए पानी के बॉटल में बैक्टीरिया मिला है। इसको चढ़ाने के बाद सभी के आंखों में संक्रमण आया। सोमवार को आरके नेत्रालय के निदेशक डॉ. आरके ओझा ने बताया कि समय से लोग आ गए नहीं तो आंख में संक्रमण बढ़ जाता। उधर दिन में प्रदेश के राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने भी अस्पताल पहुंचकर मरीजों के इलाज का जायजा लिया और मदद का भरोसा दिया। उधर मारवाड़ी अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि आपरेशन के दौरान लगाए गए सभी 160 बॉटलों को सील कर दिया गया। अब नया बॉटल आने के बाद ही प्रयोग किया जाएगा। उधर, मारवाड़ी अस्पताल प्रबंधन ने सभी मरीजों की फीस सोमवार को लौटा दी।
विज्ञापन
मारवाड़ी अस्पताल में 12 जून को छह मरीजों के आंख का आपरेशन होने के अगले दिन उन्हें दिखाई नहीं दिया। इसके बाद मरीज अस्पतालों का चक्कर लगाते रहे। 15 जून को मारवाड़ी अस्पताल में ही हंगामा करने लगे और इसकी सूचना पुलिस को भी दी। इसके बाद सभी को महमूरगंज स्थित आरके नेत्रालय लाया गया, यहां अगले दिन सभी का आपरेशन हुआ। इसके बाद 17 जून को जब आंख की पट्टी खोली गई तो सभी को दिखाई देने लगा। इस बीच आरके नेत्रालय से जो सैंपल भेजा गया था, सोमवार को उसकी जांच रिपोर्ट आई है, उसमें आपरेशन के दौरान चढ़ाए गए पानी के बॉटल में बैक्टीरिया मिला है। इसको चढ़ाने के बाद सभी के आंखों में संक्रमण आया। सोमवार को आरके नेत्रालय के निदेशक डॉ. आरके ओझा ने बताया कि समय से लोग आ गए नहीं तो आंख में संक्रमण बढ़ जाता। उधर दिन में प्रदेश के राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने भी अस्पताल पहुंचकर मरीजों के इलाज का जायजा लिया और मदद का भरोसा दिया। उधर मारवाड़ी अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि आपरेशन के दौरान लगाए गए सभी 160 बॉटलों को सील कर दिया गया। अब नया बॉटल आने के बाद ही प्रयोग किया जाएगा। उधर, मारवाड़ी अस्पताल प्रबंधन ने सभी मरीजों की फीस सोमवार को लौटा दी।
विज्ञापन