{"_id":"5af7519e4f1c1bd1408b4dae","slug":"151526157726-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्वनाथ कॉरिडोर योजना पर संघ गंभीर 0","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्वनाथ कॉरिडोर योजना पर संघ गंभीर 0
Updated Sun, 13 May 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर योजना का ब्लूप्रिंट अब तक सार्वजनिक न होने और इसे लेकर जनता में भ्रम और नाराजगी की स्थिति पर आरएसएस ने गंभीर रुख अख्तियार किया है। वस्तुस्थिति की जानकारी के साथ ही मंदिर परिक्षेत्र के लोगों की समस्या और नाराजगी का कारण जानने और आम जनता की राय के अनुरूप समाधान तलाशने के लिए संघ ने अपने अनुषांगिक संगठनों को जिम्मेदारी दी है। ये संगठन मंदिर परिक्षेत्र में सर्वे कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। संघ सूत्रों की मानें तो यह रिपोर्ट पीएम मोदी को भेजी जाएगी।
विश्वनाथ कॉरिडोर की प्रस्तावित योजना के लिए भवनों की खरीद और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद से मंदिर परिक्षेत्र के बाशिंदों में भ्रम और नाराजगी की स्थिति है। योजना का मसौदा सार्वजनिक न होने से हर कोई संशय में है। साथ ही, विरोध के स्वर लगातार मुखर हो रहे हैं। विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरने के लिए इसे मुद्दा बना लिया है। वहीं, भाजपा के मंत्री और विधायक जनता के बीच जाने से परहेज कर रहे हैं। उनकी आशंकाओं का समाधान करने के बजाए चुप्पी साधे हुए हैं। इससे विरोधियों को हवा बनाने का मौका मिल रहा है और मंदिर प्रशासन की सफाई भी जनता का संशय खत्म नहीं कर पा रही है। इन स्थितियों से संघ नाराज है। संघ सूत्रों की मानें तो सर्वे रिपोर्ट के साथ ही मंत्रियों, विधायकों की कार्यप्रणाली के बारे में भी पीएमओ को अवगत कराया जाएगा।
विज्ञापन
विश्वनाथ कॉरिडोर की प्रस्तावित योजना के लिए भवनों की खरीद और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद से मंदिर परिक्षेत्र के बाशिंदों में भ्रम और नाराजगी की स्थिति है। योजना का मसौदा सार्वजनिक न होने से हर कोई संशय में है। साथ ही, विरोध के स्वर लगातार मुखर हो रहे हैं। विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरने के लिए इसे मुद्दा बना लिया है। वहीं, भाजपा के मंत्री और विधायक जनता के बीच जाने से परहेज कर रहे हैं। उनकी आशंकाओं का समाधान करने के बजाए चुप्पी साधे हुए हैं। इससे विरोधियों को हवा बनाने का मौका मिल रहा है और मंदिर प्रशासन की सफाई भी जनता का संशय खत्म नहीं कर पा रही है। इन स्थितियों से संघ नाराज है। संघ सूत्रों की मानें तो सर्वे रिपोर्ट के साथ ही मंत्रियों, विधायकों की कार्यप्रणाली के बारे में भी पीएमओ को अवगत कराया जाएगा।
विज्ञापन