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नौ दिनों तक विभिन्न प्रांतों के शिल्प की खरीदारी का मौका
Updated Mon, 25 Dec 2017 02:21 AM IST
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वाराणसी। ग्रामीण स्वरोजगार व कला संस्कृति के प्रोत्साहन के साथ ही हस्त शिल्पियों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘ग्रामशिल्प महोत्सव’ के तहत खादी ग्रामोद्योग, हस्तशिल्प प्रदर्शनी व मेला का आयोजन रविवार से शुरू हुआ। कटिंग मेमोरियल इंटर कालेज (नदेसर) परिसर में नौ दिनों तक चलने वाले शिल्प मेले में देश के अलग-अलग प्रांतों से शिल्पी पहुंचे हैं।
पीयूष ग्रामोद्योग सेवा समिति की ओर से आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि व राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल ने किया। उन्होंने कहा कि हस्त निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर कदम पर मदद करेगी। इस तरह के आयोजन बराबर होने चाहिए इससे शिल्पियों का जहां बाजार मिलेगा वहीं रोजगार के सृजन को बल मिलेगा।
कार्यक्रम संयोजक दतात्रेय पांडेय व नम्रता चौरसिया ने बताया कि वह यूपी, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल आदि प्रांतों से शिल्पियों के 75 स्टाल लगाए गए है। प्रदर्शनी जनवरी तक चलेगी। पहले दिन ही सभी स्टालों पर बड़ी संख्या में ग्राहक खरीदारी करने में व्यस्त दिखे। शिल्प मेले में वुडेन क्राफ्ट के नक्काशीदार फर्नीचर को खासतौर पर पेश किया गया है। इसके अलावा बनारसी साड़ी, भदोही की कालीन, आंवला उत्पाद, खादी के परिधान, जूट उत्पाद भी है। सर्दी के मौसम को देखते हुए विभिन्न प्रदेशों के पारंपरिक गर्म कपड़ों के स्टाल लोगों के आकर्षक का केंद्र बने हुए हैं। शुभारंभ के अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, भाजपा के सुरेश सिंह, नागेंद्र रघुवंशी, रविप्रकाश जायसवाल आदि रहे।
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पीयूष ग्रामोद्योग सेवा समिति की ओर से आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि व राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल ने किया। उन्होंने कहा कि हस्त निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर कदम पर मदद करेगी। इस तरह के आयोजन बराबर होने चाहिए इससे शिल्पियों का जहां बाजार मिलेगा वहीं रोजगार के सृजन को बल मिलेगा।
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कार्यक्रम संयोजक दतात्रेय पांडेय व नम्रता चौरसिया ने बताया कि वह यूपी, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल आदि प्रांतों से शिल्पियों के 75 स्टाल लगाए गए है। प्रदर्शनी जनवरी तक चलेगी। पहले दिन ही सभी स्टालों पर बड़ी संख्या में ग्राहक खरीदारी करने में व्यस्त दिखे। शिल्प मेले में वुडेन क्राफ्ट के नक्काशीदार फर्नीचर को खासतौर पर पेश किया गया है। इसके अलावा बनारसी साड़ी, भदोही की कालीन, आंवला उत्पाद, खादी के परिधान, जूट उत्पाद भी है। सर्दी के मौसम को देखते हुए विभिन्न प्रदेशों के पारंपरिक गर्म कपड़ों के स्टाल लोगों के आकर्षक का केंद्र बने हुए हैं। शुभारंभ के अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, भाजपा के सुरेश सिंह, नागेंद्र रघुवंशी, रविप्रकाश जायसवाल आदि रहे।
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