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ग्रीन बेल्ट में भी बसा दीं कॉलोनियां
Updated Mon, 11 Dec 2017 02:17 AM IST
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वाराणसी। वीडीए की महायोजना 2031 में जिस जमीन को कृषि और ग्रीन बेल्ट घोषित किया गया है, वहां भी डेवपलपर्स ने कॉलोनियां खड़ी कर दी हैं। भू उपयोग में परिवर्तन कराए बगैर ऐसी कई जगहों पर मनमाना प्लाटिंग अब भी जारी है। अकेले एनएच-2 पर 200 एकड़ कृषि और 150 बीघे सरकारी भूमि की अवैध प्लाटिंग कर दी गई है। वहीं, एनएच-56 पर 108 एकड़ खेती-किसानी की जमीन पर कॉलोनी बसाने के लिए प्लाट धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। डेवलपर्स के गठजोड़ के आगे नियम-निर्देश दरकिनार कर दिए गए हैं। जल्द प्रभावी कार्रवाई न हुई तो अनियोजित विकास की चुनौतियों से बेहाल शहर की मुसीबतें और विकराल हो जाएंगी। वीडीए प्रशासन का कहना है कि शहर के बाहरी हिस्सों में जहां कहीं भी प्लाटिंग चल रही है, उन सभी जमीनों के भू उपयोग की जांच महायोजना 2031 के आधार पर की जाएगी। महायोजना में निर्धारित भू उपयोग के विपरीत जमीन का इस्तेमाल पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, किसी भी जमीन पर कॉलोनी के लिए प्लाटिंग से पहले उसका भू उपयोग परिवर्तित कराया जाना जरूरी है। शहर के सुनियोजित विकास के लिए शासन से स्वीकृत महायोजना 2031 में बाकायदा पहले ही कृषि, पर्यावरण, उद्योग, खेल, शिक्षा, अस्पताल आदि के लिए क्षेत्रवार जमीनों के भू उपयोग निर्धारित हैं। वीडीए से अप्रूवल और नक्शा-लेआउट पास कराए बिना शहर में अवैध कॉलोनियों का मनमाना जाल बिछाने वाले डेवलपर्स ने भू उपयोग की भी जमकर अनदेखी की है। खासकर हाईवे किनारे सैकड़ों एकड़ खेती-किसानी भूमि पर प्लाटिंग कर कॉलोनियां खड़ी कर दी गई हैं।
एनएच-2 पर महायोजना 2031 में हाईवे किनारे ग्रीन बेल्ट घोषित है, लेकिन वहां भी प्लाटिंग कर दी गई। इसी हाईवे के किनारे कई जगह खेती की जमीन पर कॉलोनियां बसा दी गई हैं। खुद वीडीए का मानना है कि एनएच-2 पर करीब 200 एकड़ कृषि और ग्रीन बेल्ट पर प्लाटिंग की गई है। ऐसे ही एनएच-56 जौनपुर-वाराणसी हाईवे पर भी डेवलपर्स ने जाल बिछा रखा है। बाबतपुर इलाके में डेवलपर्स और वीडीए के अफसरों की सांठगांठ से अब तक 108 एकड़ में अवैध प्लाटिंग हो चुकी है। इसी तरह दूसरे हाईवे और शहर के अन्य स्थानों पर भी भू उपयोग और अन्य नियम-निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
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दरअसल, किसी भी जमीन पर कॉलोनी के लिए प्लाटिंग से पहले उसका भू उपयोग परिवर्तित कराया जाना जरूरी है। शहर के सुनियोजित विकास के लिए शासन से स्वीकृत महायोजना 2031 में बाकायदा पहले ही कृषि, पर्यावरण, उद्योग, खेल, शिक्षा, अस्पताल आदि के लिए क्षेत्रवार जमीनों के भू उपयोग निर्धारित हैं। वीडीए से अप्रूवल और नक्शा-लेआउट पास कराए बिना शहर में अवैध कॉलोनियों का मनमाना जाल बिछाने वाले डेवलपर्स ने भू उपयोग की भी जमकर अनदेखी की है। खासकर हाईवे किनारे सैकड़ों एकड़ खेती-किसानी भूमि पर प्लाटिंग कर कॉलोनियां खड़ी कर दी गई हैं।
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एनएच-2 पर महायोजना 2031 में हाईवे किनारे ग्रीन बेल्ट घोषित है, लेकिन वहां भी प्लाटिंग कर दी गई। इसी हाईवे के किनारे कई जगह खेती की जमीन पर कॉलोनियां बसा दी गई हैं। खुद वीडीए का मानना है कि एनएच-2 पर करीब 200 एकड़ कृषि और ग्रीन बेल्ट पर प्लाटिंग की गई है। ऐसे ही एनएच-56 जौनपुर-वाराणसी हाईवे पर भी डेवलपर्स ने जाल बिछा रखा है। बाबतपुर इलाके में डेवलपर्स और वीडीए के अफसरों की सांठगांठ से अब तक 108 एकड़ में अवैध प्लाटिंग हो चुकी है। इसी तरह दूसरे हाईवे और शहर के अन्य स्थानों पर भी भू उपयोग और अन्य नियम-निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
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