{"_id":"59a9c4484f1c1b696a8b4571","slug":"151504298056-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विदेशी के छूटे लाखों के सामान को किया वापस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विदेशी के छूटे लाखों के सामान को किया वापस
Updated Sat, 02 Sep 2017 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। नई दिल्ली से मंडुआडीह आने वाली शिवगंगा एक्सप्रेस से वाराणसी पहुंचे एक विदेशी पर्यटक का प्लेटफार्म पर छूटा बैग आरपीएफ ने वापस लौटाया। उसमें लाख रुपये की विदेशी मुद्रा सहित कई कीमती सामान थे।
शिवगंगा शुक्रवार की सुबह मंडुवाडीह पहुंची इसी बीच नई दिल्ली से वाराणसी पहुंचे इंग्लैंड का एक यात्री उतरा और कोच के सामने स्थित आरपीएफ थाने के सामने रखी कुर्सी पर बैठकर अन्य साथियों का इंतजार करने लगा। बाद में साथियों संग चला गया पर अपना बैग वहीं भूल गया। उस बैग में 20 हजार भारतीय मुद्रा के साथ डॉलर और यूरो के साथ ही उसके जरूरी कागजात भी थे। तभी पोस्ट पर तैनात रवींद्र कुमार त्रिपाठी की नजर लावारिस अवस्था में यात्री बेंच पर रखे बैग पर पड़ी। उसने पोस्ट पर मौजूद अन्य जवानों को सूचित किया । जवान ने जब उस बैग को खोला उसमें 20000 भारतीय मुद्रा, 20000 यूरो और 10000 डॉलर, पासपोर्टए मोबाइल फोन, टैबलेट और कुछ अन्य सामान मिले। पासपोर्ट के आधार पर उक्त व्यक्ति का नाम जेराल्ड बोडेन पता चला। पासपोर्ट में उसकी फोटो के आधार पर आरपीएफ ने खोजबीन की तो विदेशी एक ऑटो में बैठ कर जाने की तैयारी में था । आरपीएफ ने जब उसको सूचना दी तो वह भागते हुए मौके पर पहुंचा और अपने सामान की पहचान की। आरपीएफ इंस्पेक्टर दिमाक सिंह ने लिखा पढ़ी कर के विदेशी को उसका समान वापस कर दिया। इस कार्य की चर्चा पूरे स्टेशन पर रही।
विज्ञापन
शिवगंगा शुक्रवार की सुबह मंडुवाडीह पहुंची इसी बीच नई दिल्ली से वाराणसी पहुंचे इंग्लैंड का एक यात्री उतरा और कोच के सामने स्थित आरपीएफ थाने के सामने रखी कुर्सी पर बैठकर अन्य साथियों का इंतजार करने लगा। बाद में साथियों संग चला गया पर अपना बैग वहीं भूल गया। उस बैग में 20 हजार भारतीय मुद्रा के साथ डॉलर और यूरो के साथ ही उसके जरूरी कागजात भी थे। तभी पोस्ट पर तैनात रवींद्र कुमार त्रिपाठी की नजर लावारिस अवस्था में यात्री बेंच पर रखे बैग पर पड़ी। उसने पोस्ट पर मौजूद अन्य जवानों को सूचित किया । जवान ने जब उस बैग को खोला उसमें 20000 भारतीय मुद्रा, 20000 यूरो और 10000 डॉलर, पासपोर्टए मोबाइल फोन, टैबलेट और कुछ अन्य सामान मिले। पासपोर्ट के आधार पर उक्त व्यक्ति का नाम जेराल्ड बोडेन पता चला। पासपोर्ट में उसकी फोटो के आधार पर आरपीएफ ने खोजबीन की तो विदेशी एक ऑटो में बैठ कर जाने की तैयारी में था । आरपीएफ ने जब उसको सूचना दी तो वह भागते हुए मौके पर पहुंचा और अपने सामान की पहचान की। आरपीएफ इंस्पेक्टर दिमाक सिंह ने लिखा पढ़ी कर के विदेशी को उसका समान वापस कर दिया। इस कार्य की चर्चा पूरे स्टेशन पर रही।
विज्ञापन