{"_id":"5c9a88bcbdec2213f32f7a26","slug":"141553631420-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेतन भुगतान के लिए कोच अटेंडेंटों ने किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेतन भुगतान के लिए कोच अटेंडेंटों ने किया हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। छह महीने से बकाया वेतन का भुगतान न होने से नाराज ट्रेन के कोच अटेंडेंटों ने मंगलवार को कैंट स्टेशन पर हंगामा किया। मौके पर पहुंचे ठेकेदार के आश्वासन के बाद वे माने। इस विरोध और नाराजगी के चलते एक दिन पहले सोमवार को ठेका कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया था। ऐसे में स्टेशन निदेशक आनंद मोहन सिंह ने रेल कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर बेगमपुरा एक्सप्रेस को रवाना किया था।
वाराणसी-जम्मूतवी बेगमपुरा एक्सप्रेस में बतौर कोच अटेंडेंट सेवा दे रहे कर्मचारियों ने बताया कि पिछले छह महीने से उनके वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसके चलते आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है। दो दिन पहले स्थानीय निदेशक ने संबंधित ठेकेदार से बात कर तुरंत समस्या का निष्कर्ष निकालने का भरोसा दिया था। बावजूद इसके बात नहीं बनी तो सोमवार को कोच अटेंडेंटों ने अपनी सेवाएं ठप कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से हुई। अगले दिन मंगलवार को कैंट स्टेशन पहुंचे ठेकेदार के प्रतिनिधि ने सभी कर्मचारियों को चार महीने का बकाया भुगतान करने का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। कंपनी के सुपरवाइजर राजेश कुमार यादव ने बताया कि कर्मचारियों का वेतन बांटने के लिए तीन महीने पहले ही कंपनी के एक कर्मचारी को पैसा दिया गया था लेकिन वह अब तक लापता है। 40 से ज्यादा कोच अटेंडेंट इससे प्रभावित हैं।
विज्ञापन
वाराणसी-जम्मूतवी बेगमपुरा एक्सप्रेस में बतौर कोच अटेंडेंट सेवा दे रहे कर्मचारियों ने बताया कि पिछले छह महीने से उनके वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसके चलते आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है। दो दिन पहले स्थानीय निदेशक ने संबंधित ठेकेदार से बात कर तुरंत समस्या का निष्कर्ष निकालने का भरोसा दिया था। बावजूद इसके बात नहीं बनी तो सोमवार को कोच अटेंडेंटों ने अपनी सेवाएं ठप कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से हुई। अगले दिन मंगलवार को कैंट स्टेशन पहुंचे ठेकेदार के प्रतिनिधि ने सभी कर्मचारियों को चार महीने का बकाया भुगतान करने का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। कंपनी के सुपरवाइजर राजेश कुमार यादव ने बताया कि कर्मचारियों का वेतन बांटने के लिए तीन महीने पहले ही कंपनी के एक कर्मचारी को पैसा दिया गया था लेकिन वह अब तक लापता है। 40 से ज्यादा कोच अटेंडेंट इससे प्रभावित हैं।
विज्ञापन