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लोकतंत्र को सुधारने की महत्वपूर्ण एजेंसी है शिक्षा

Thu, 10 Jan 2019 02:10 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Jan 2019 02:10 AM IST
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लोकतंत्र को सुधारने की महत्वपूर्ण एजेंसी है शिक्षा
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर के तत्वावधान में ‘लोकतंत्र और शिक्षा’ विषयक दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन बुधवार को किया गया। मुख्य अतिथि बीएचयू हिंदी विभाग के प्रोे. अवधेश प्रधान ने कहा कि लोकतंत्र हमें यह अवसर प्रदान करता है कि हम शिक्षा की व्यवस्था इस तरह करें कि अधिकांश लोगों को अच्छी शिक्षा का अवसर मिले। शिक्षा लोकतंत्र को सुधारने वाली सबसे महत्वपूर्ण एजेंसी है। लोकतंत्र में शिक्षा के महत्व को पुन: स्थापित करने की आवश्यकता है।
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अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि आज के दौर में मूल्यों में गिरावट आई है। संसाधन और सूचनाएं बढ़ती जा रही हैं। बावजूद इसके शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है। यह चिंता का विषय है। शिक्षक का स्थान कोई तकनीकी नहीं ले सकती। उच्च शिक्षा संबंधी नीतियां शिक्षाविदों को हाशिये पर रखकर बनाई जा रही हैं जो कि राष्ट्रहित में नहीं है। स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद कुमार पांडेय ने किया। संचालन अभिलाषा जायसवाल और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. गोपाल प्रसाद नायक ने किया। अलग अलग सत्रों में प्रो. भुदेव सिंह, डॉ. सुरेंद्र राम, डॉ. राजेंद्र यादव, डॉ. ध्यानेंद्र मिश्रा, डॉ. राखी देव आदि ने अपने विचार रखे।
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