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अशिक्षा को दूर कर फैला रहे तालीम का उजाला
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:44 AM IST
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ज्ञानपुर। अंधकार को दूर कर जो प्रकाश फैलाए, वही गुरु होता है। वास्तव में गुरु शब्द के अर्थ को अगर कोई शिक्षक जीवन में उतार ले तो वह प्रशंसा का पात्र होता है। भदोही के रामरायपुर के अवधेश कुमार राय ऐसे ही शिक्षक हैं। जो सेवानिवृत्त होने के चार साल बाद शिक्षा की अलख जगाने में तल्लीन हैं। वे जिले में लोगों के लिए न सिर्फ मिशाल हैं, अपितु उस सराहना के पात्र भी हैं, जो एक गुरू को मिलनी चाहिए। अवधेश आज भी रामरायपुर इलाके में अशिक्षा रूपी अंधकार को दूर कर तालीम का प्रकाश फैला रहे हैं। भदोही नगर से सटे रामरायपुर गांव निवासी अवधेश कुमार राय करीब छह से सात स्कूलों में पढ़ाया लेकिन 2014 में पूर्व माध्यमिक विद्यालय अलुआं से सेवानिवृत्त हुए। सेवाकाल के दौरान विद्यालय में ज्ञान का प्रकाश फैलाया। रिटायर हुए तो भी अध्यापन की लगन लगी रही। घर पर ही बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाना शुरू कर दिया। बच्चों की हर जिज्ञासा का समाधान करने वाले अवधेश उनके चहेते बन गए। वह अशिक्षा के अंधकार को दूर करने के लिए रणनीति भी तय करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का एक शौक रहा। शिक्षा बांटने से ही बढ़ती है। उन्होंने कहा कि वह करीब तीन दशक से गरीब बच्चों को घर पर नि:शुल्क शिक्षा देते हैं। 2014 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी उनका मन घर नहीं लगा तो पूर्व माध्यमिक विद्यालय अलुआ जाकर बच्चों को पढ़ाते रहे। उन्होंने बताया कि उनके पढ़ाए छात्र हरिमंगल सरोज गोरखपुर मंडल में अधिकारी है जबकि भदोही नगर में डॉ. चिन्मय हर्ष भी उनके पढ़ाए छात्र हैं। चौरी के कोम पल्हैयां निवासी अनिल यादव दिल्ली में एक सरकारी कंपनी के अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 50 से अधिक गरीब बच्चे उनसे तालिम लेकर अच्छी जगह पर पहुंच गए।
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