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कमजोर पड़ा मानसून, फिर बढ़ी तपिश
Updated Sun, 17 Jun 2018 12:44 AM IST
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ज्ञानपुर। मौसम में बदलाव के बाद धूप की तल्खी लोगों पर भारी पड़ने लगी है। पिछले दिनों आंधी-पानी से मौसम का मिजाज बदल गया था। इसे लोग मानसून की आहट मान रहे थे लेकिन चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण फिर से तपिश बढ़ गई है। शनिवार को सुबह से ही सूर्य देव ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया था। दोपहर होते-होते गर्म हवाओं के थपेड़े बेहाल करने लगे थे। तपिश के कारण शाम तक सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
आसमान से बरसती आग के कारण धरती तवे की मानिंद तपने लगी है। भीषण गर्मी और उमस के चलते लोग बेहाल हो गए हैं। प्रचंड गर्मी से राहत के लिए लोगों में जगी बारिश की आस पूरी नहीं हो रही। माना जा रहा है कि झमाझम बारिश ही जेठ की तपिश से राहत दिला सकती है। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 32 डिग्री रहा। चिलचिलाती धूप के चलते पूरे दिन लोग घर से बाहर निकलने का साहस नहीं जुटा सके। पुरुआ हवा चलने के कारण लोग उमस से परेशान रहे। चहारदीवारी के अंदर उमस ने बेहाल कर दिया। गत दिनों हुई हल्की बारिश के चलते उमस में बेतहाशा वृद्धि हो गई है। कूलर और पंखे बेअसर होने के कारण दिन रातों की नींद उड़ गई है। नहरों और सिंचाई के साधनों से दूर खेतों में पानी न मिल पाने के कारण नर्सरी के खेतों में दरार पड़ने लगी हैं। ऐसे में किसान शिद्दत के साथ बारिश की जरूरत महसूस कर रहे हैं।
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आसमान से बरसती आग के कारण धरती तवे की मानिंद तपने लगी है। भीषण गर्मी और उमस के चलते लोग बेहाल हो गए हैं। प्रचंड गर्मी से राहत के लिए लोगों में जगी बारिश की आस पूरी नहीं हो रही। माना जा रहा है कि झमाझम बारिश ही जेठ की तपिश से राहत दिला सकती है। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 32 डिग्री रहा। चिलचिलाती धूप के चलते पूरे दिन लोग घर से बाहर निकलने का साहस नहीं जुटा सके। पुरुआ हवा चलने के कारण लोग उमस से परेशान रहे। चहारदीवारी के अंदर उमस ने बेहाल कर दिया। गत दिनों हुई हल्की बारिश के चलते उमस में बेतहाशा वृद्धि हो गई है। कूलर और पंखे बेअसर होने के कारण दिन रातों की नींद उड़ गई है। नहरों और सिंचाई के साधनों से दूर खेतों में पानी न मिल पाने के कारण नर्सरी के खेतों में दरार पड़ने लगी हैं। ऐसे में किसान शिद्दत के साथ बारिश की जरूरत महसूस कर रहे हैं।
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