{"_id":"597265f04f1c1b317f8b470e","slug":"141500669424-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेटी लगाने से नगर निगम ने पल्ला झाड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेटी लगाने से नगर निगम ने पल्ला झाड़ा
Updated Sat, 22 Jul 2017 02:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। काशी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गंगा घाटों पर जेटी लगाने से नगर निगम प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि जेटी लगाने के लिए भारतीय जलमार्ग प्राधिकरण की ओर से तकनीकी दिक्कतें बताकर अनुमति न दिए जाने से नाराज निगम प्रशासन ने यह निर्णय लिया। साथ ही, जेटी लगाने के लिए केंद्र से मिली 68 लाख रुपये की धनराशि भारतीय जलमार्ग प्राधिकरण को ही सौंप दी। अब जलमार्ग प्राधिकरण जेटी लगाएगा या फिर अनुमति के साथ धनराशि निगम को वापस की जाएगी, फिलहाल कुछ भी तय नहीं। कुल मिलाकर अब तक जो काम पूरा हो जाना चाहिए था वह दो विभागों के बीच फंसा पड़ा है।
गंगा आरती देखने, नौकायन करने वाले सैलानियों को घाट पर उतरने-चढ़ने में दिक्कत न हो, इसके लिए जेटी लगाई जानी है। एक तरफ पिरामल ग्रुप की तरफ से अस्सी और अहिल्याबाई घाट समेत तीन घाटों पर जेटी लगा दी गई है जबकि नगर निगम प्रशासन अपने काम की शुरुआत ही नहीं कर पाया। जबकि, मेगा डेस्टिनेशन योजना के तहत केंद्र सरकार ने काशी के तीन प्रमुख गंगा घाटों पर जेटी लगाने के लिए नगर निगम प्रशासन को 68 लाख रुपये जारी किए थे। नगर निगम ने इसके लिए प्रयास भी शुरू किए और जलमार्ग प्राधिकरण को अनुमति के लिए पत्र भी भेजा लेकिन फिर मामला अटक गया। नगर निगम के अधिशासी अभियंता कैलाश सिंह का कहना है कि जेटी लगाने के लिए एक साल से अनुमति मांगी जा रही थी। नहीं मिलने पर जेटी लगाने के लिए उन्हें ही धनराशि दे दी गई है।
विज्ञापन
गंगा आरती देखने, नौकायन करने वाले सैलानियों को घाट पर उतरने-चढ़ने में दिक्कत न हो, इसके लिए जेटी लगाई जानी है। एक तरफ पिरामल ग्रुप की तरफ से अस्सी और अहिल्याबाई घाट समेत तीन घाटों पर जेटी लगा दी गई है जबकि नगर निगम प्रशासन अपने काम की शुरुआत ही नहीं कर पाया। जबकि, मेगा डेस्टिनेशन योजना के तहत केंद्र सरकार ने काशी के तीन प्रमुख गंगा घाटों पर जेटी लगाने के लिए नगर निगम प्रशासन को 68 लाख रुपये जारी किए थे। नगर निगम ने इसके लिए प्रयास भी शुरू किए और जलमार्ग प्राधिकरण को अनुमति के लिए पत्र भी भेजा लेकिन फिर मामला अटक गया। नगर निगम के अधिशासी अभियंता कैलाश सिंह का कहना है कि जेटी लगाने के लिए एक साल से अनुमति मांगी जा रही थी। नहीं मिलने पर जेटी लगाने के लिए उन्हें ही धनराशि दे दी गई है।
विज्ञापन