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फेसबुक पर की दोस्ती, फिर इलाज कराने के बहाने कर लिया अपहरण
Wed, 06 Feb 2019 02:06 AM IST
Sayali Maurya
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: Sayali Maurya
Updated Wed, 06 Feb 2019 02:06 AM IST
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वाराणसी में एक व्यक्ति को फेसबुक(facebook) पर दोस्ती करना भारी पड़ गया। फेसबुक(facebook) मित्र ने जहां इलाज कराने का बहाना बना कर अधेड़ का अपहरण कर लिया। इसके बाद बेटे ने पुलिस से पिता को वापस लने की गुहार लगाई है।
जिले के चौक थाना अंतर्गत विश्वनाथ गली निवासी पद्माकर पांडेय का फेसबुक(facebook) मित्र मनीष उनके घर आकर ठहरा। इसके बाद पद्माकर के गठिया रोग(arthritis) का इलाज कराने के लिए मनीष उन्हें अपने साथ ले गया। तब से लेकर आज तक पद्माकर का पता नहीं लग पा रहा है। प्रकरण को लेकर पद्माकर के अपहरण के आरोप में उनके बेटे राहुल की तहरीर पर चौक थाने में मनीष के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
राहुल के अनुसार फेसबुक(facebook) पर उसके पिता की दोस्ती मनीष से हुई। 16 जनवरी को मनीष उसके घर आया और बताया कि काशी घूमने आया हूं तो पद्माकर ने ठहरने के लिए कह दिया। 20 जनवरी को जब मनीष घर से जाने लगा तो उसने पद्माकर को गठिया रोग का उपचार कराने के लिए लखनऊ जाने को कहा।
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मनीष की बात पर भरोसा कर पद्माकर उपचार के लिए उसके साथ लखनऊ चले गए। 25 जनवरी तक पद्माकर और उनकी बातचीत हुई इसके बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा। 30 जनवरी को पद्माकर के मोबाइल से राहुल के पास कॉल आई कि उसके पिता को गंभीर चोट आई है और वो हरदोई में हैं। इसके बाद पद्माकर का मोबाइल फिर स्विच ऑफ बताने लगा। राहुल ने चौक पुलिस से गुहार लगाई है कि उसके पिता को खोज कर घर लाया जाए।
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जिले के चौक थाना अंतर्गत विश्वनाथ गली निवासी पद्माकर पांडेय का फेसबुक(facebook) मित्र मनीष उनके घर आकर ठहरा। इसके बाद पद्माकर के गठिया रोग(arthritis) का इलाज कराने के लिए मनीष उन्हें अपने साथ ले गया। तब से लेकर आज तक पद्माकर का पता नहीं लग पा रहा है। प्रकरण को लेकर पद्माकर के अपहरण के आरोप में उनके बेटे राहुल की तहरीर पर चौक थाने में मनीष के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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राहुल के अनुसार फेसबुक(facebook) पर उसके पिता की दोस्ती मनीष से हुई। 16 जनवरी को मनीष उसके घर आया और बताया कि काशी घूमने आया हूं तो पद्माकर ने ठहरने के लिए कह दिया। 20 जनवरी को जब मनीष घर से जाने लगा तो उसने पद्माकर को गठिया रोग का उपचार कराने के लिए लखनऊ जाने को कहा।
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मनीष की बात पर भरोसा कर पद्माकर उपचार के लिए उसके साथ लखनऊ चले गए। 25 जनवरी तक पद्माकर और उनकी बातचीत हुई इसके बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा। 30 जनवरी को पद्माकर के मोबाइल से राहुल के पास कॉल आई कि उसके पिता को गंभीर चोट आई है और वो हरदोई में हैं। इसके बाद पद्माकर का मोबाइल फिर स्विच ऑफ बताने लगा। राहुल ने चौक पुलिस से गुहार लगाई है कि उसके पिता को खोज कर घर लाया जाए।